Mallikarjun Kharge Lunch Meeting: चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का मोर्चा अब एक कदम और आगे बढ़ने जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को राजधानी में विपक्षी सांसदों के लिए लंच मीटिंग बुलाई है। यह बैठक दोपहर 1 बजे होगी। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में विपक्षी सांसद चुनाव आयोग से मुलाकात के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से समय मांगने वाला पत्र साइन करेंगे।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब एक दिन पहले यानी 6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के नेताओं ने निर्वाचन सदन की ओर मार्च किया था। विपक्षी दल मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जवाब मांग रहे हैं।
कांग्रेस ने कहा- संघर्ष जारी रहेगा
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक पोस्ट में कहा कि संविधान और लोकतंत्र सर्वोपरि हैं। पार्टी ने साफ किया कि जब तक संविधान और लोकतंत्र को हर ऐसी ताकत से पूरी तरह सुरक्षित नहीं किया जाता, जिसे वह जनविरोधी और राष्ट्रविरोधी मानती है, तब तक उसका संघर्ष जारी रहेगा। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग उनकी चिंताओं का उचित जवाब नहीं दे रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर INDIA ब्लॉक ने अपने व्यापक 'Save Democracy' अभियान के तहत विरोध प्रदर्शन तेज किया है।
निर्वाचन सदन की ओर बढ़े थे सांसद, बैरिकेडिंग पर रोका
6 अक्टूबर को कई विपक्षी दलों के नेता और सांसद संसद भवन से निर्वाचन सदन की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने आकाशवाणी भवन के बाहर धरना दिया।
धरने के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दावा किया था कि करीब 300 विपक्षी सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलकर अपनी चिंताएं रखना चाहते हैं। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया था।
शाम 4 बजे तक नहीं मांगा गया था अपॉइंटमेंट
विपक्ष के प्रदर्शन के बाद चुनाव आयोग ने अपने पक्ष को स्पष्ट करते हुए कहा कि शाम 4 बजे तक किसी भी राजनीतिक दल की ओर से आयोग से मुलाकात के लिए औपचारिक तौर पर समय नहीं मांगा गया था। EC के मुताबिक, करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस से जानकारी मिली कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में करीब 240 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल संसद भवन एनेक्सी में चुनाव आयुक्तों से मिलकर ज्ञापन सौंपना चाहता है।
चुनाव आयोग ने कहा कि जिस जगह और तरीके से मुलाकात की मांग की गई थी, वह उसके स्थापित प्रोटोकॉल को देखते हुए असामान्य था।
ज्ञापन लेने के लिए अधिकारी भेजने का प्रस्ताव भी ठुकराया
आयोग के मुताबिक, बाद में उसने विपक्षी सांसदों से ज्ञापन लेने के लिए अपने सबसे वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी को भेजने पर विचार किया था। हालांकि, आयोग का कहना है कि विपक्षी सांसदों की ओर से यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया।
अब खड़गे की लंच मीटिंग के जरिए विपक्ष एकजुट होकर CEC ज्ञानेश कुमार से औपचारिक मुलाकात का समय मांगने की तैयारी में है। ऐसे में बुधवार की बैठक के बाद चुनाव आयोग और INDIA ब्लॉक के बीच राजनीतिक टकराव के अगले चरण की तस्वीर साफ हो सकती है।