दिल्ली: जंतर-मंतर विवाद के बाद सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में शुक्रवार को स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से गिरफ्तार किया था। वही अब इस केस में नया मामला सामने आया है, जिसमे नाबालिग से जुड़ी शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ नई FIR दर्ज की गई है, जिसमें POCSO एक्ट के साथ BNS और IT एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं। नई FIR में BNS की धारा 78, 79 और 351 के अलावा POCSO एक्ट की धारा 12 और IT एक्ट की धारा 67 शामिल है। शिकायत में नाबालिग का पीछा करने, कथित तौर पर धमकी देने और ऑनलाइन उत्पीड़न जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन धाराओं को जमानती बताया गया है, इसलिए FIR दर्ज होने के बावजूद तत्काल गिरफ्तारी कानूनी रूप से जरूरी नहीं थी।
जंतर-मंतर की मारपीट से गरमाया था मामला
यह विवाद जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट के बाद सामने आया था। इस घटना में संजय आजाद के साथ मारपीट का आरोप लगा था। बाद में एक वीडियो सामने आया, जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज कथित तौर पर इस घटना में संजय कुमार का सिर फोड़ने की बात कहते सुनाई दिए थे। वीडियो में 60 टांके लगने का दावा भी किया गया था।
जंतर-मंतर मारपीट केस में पहले ही हो चुकी है गिरफ्तारी
हालांकि स्वतंत्र भारद्वाज को जंतर-मंतर पर हुई मारपीट के मामले में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया जा चुका है। पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। अब नई FIR के बाद पुलिस नाबालिग से जुड़ी शिकायत और ऑनलाइन गतिविधियों समेत पूरे मामले की जांच कर रही है। हालांकि, FIR में लगाए गए आरोप अभी जांच का विषय हैं और आरोप साबित होना न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।FIR में लगीं 5 धाराएं, क्या हैं इनके मायने?
POCSO की धारा 12 में क्या है?
बता दें कि POCSO एक्ट की धारा 12 बच्चे से जुड़े यौन उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित है। इसमें दोष सिद्ध होने पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में लगी धारा जमानती है। हीं BNS की धारा 78 पीछा करने, धारा 79 महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और धारा 351 आपराधिक धमकी से संबंधित है।
नई FIR में BNS, POCSO एक्ट और IT एक्ट की कुल पांच धाराएं लगाई गई हैं। इनमें हर धारा का अपना अलग मतलब है।
धारा 78 BNS- पीछा करना:
किसी महिला का पीछा करने या उसकी गतिविधियों पर नजर रखने से जुड़े मामले में यह धारा लगती है। इसमें दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की जेल हो सकती है. यह जमानती धारा है।
धारा 79 BNS- महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना:
किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले कृत्य से जुड़ा मामला इस धारा के तहत आता है। इसमें 3 साल तक की का प्रावधान है. यह भी जमानती धारा है।
धारा 351 BNS- आपराधिक धमकी:
किसी व्यक्ति को धमकाने या डराने के आरोप में यह धारा लगाई जाती है। इसमें 2 साल तक की सजा हो सकती है. यह जमानती है।
धारा 12 POCSO एक्ट- बच्चे से जुड़ा यौन उत्पीड़न:
यह धारा बच्चे के यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों में लगाई जाती है। इसमें दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की सजा हो सकती है. यह भी जमानती है।
धारा 67 IT एक्ट- ऑनलाइन अश्लील सामग्री:
इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री के प्रकाशन या प्रसारण से जुड़े मामलों में यह धारा लगाई जाती है। इसमें 5 साल तक की कैद के साथ 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
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