PM Modi SRCC Dimagi Naxal Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के 100 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया और छात्रों के बीच अपने अंदाज में राजनीति पर भी बात की। पीएम ने 15 अगस्त के अपने उस बयान को फिर से उठाया, जिसमें उन्होंने कुछ लोगों के लिए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया था।

शनिवार को करीब 48 मिनट के संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि लाल किले से उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’ वाली बात कहकर जैसे ही ‘होम्योपैथी की गोली’ दी, वैसे ही ऐसे लोग सामने आने लगे। प्रधानमंत्री का यह बयान उनके भाषण के सबसे चर्चित हिस्सों में रहा।

SRCC में मोदी ने क्यों छेड़ा ‘दिमागी नक्सल’ का मुद्दा?

पीएम मोदी ने अपने भाषण को सिर्फ छात्रों और कॉलेज की उपलब्धियों तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में देश के सामने आई चुनौतियों और भारत की बदलती स्थिति पर भी बात की।इसी दौरान 15 अगस्त के अपने भाषण का जिक्र करते हुए उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर अपने विरोधियों पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने होम्योपैथी की उस दवा का उदाहरण दिया, जिसके बाद कभी-कभी बीमारी के लक्षण कुछ समय के लिए ज्यादा उभरने की बात कही जाती है।उन्होंने इसी उदाहरण को अपने राजनीतिक बयान से जोड़ते हुए कहा कि ‘दिमागी नक्सल’ कहने के बाद ऐसे लोग खुद ही सामने आने लगे।

पीएम मोदी बोले- जनता असली रंग देख रही है

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों को जनता अब पहचान रही है। उनका कहना था कि देश की जनता सब कुछ देख रही है और उनका असली रंग भी समझ रही है।यहां पीएम मोदी का निशाना सीधे तौर पर उनके आलोचकों और राजनीतिक विरोधियों की तरफ था। 15 अगस्त को लाल किले से दिए गए भाषण के बाद ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर पहले ही राजनीतिक बहस छिड़ चुकी थी।

2013 में भी SRCC आए थे पीएम मोदी

SRCC के इस कार्यक्रम का पीएम मोदी के लिए एक पुराना जुड़ाव भी रहा। उन्होंने छात्रों को बताया कि करीब 13 साल पहले, जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब भी इसी कॉलेज में आए थे।उस समय उनका अंदाज भी काफी अलग था। पीएम मोदी 2013 में मेट्रो से SRCC के कार्यक्रम में पहुंचे थे। अब जब कॉलेज अपनी स्थापना के 100 साल पूरे कर रहा है, तो प्रधानमंत्री ने उस पुराने दौरे को भी याद किया।

2013 से 2026 तक भारत कितना बदला?

अपने पुराने दौरे को याद करने के बाद पीएम मोदी ने देश में आए बदलावों की बात की। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत की अर्थव्यवस्था और दुनिया के साथ उसके कारोबारी रिश्तों में बड़ा बदलाव आया है।प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में भारत ने करीब 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। उनके मुताबिक, नए बाजार खुलने का सीधा फायदा देश के युवाओं और कारोबारियों को मिलता है।उन्होंने यह भी कहा कि आज युवाओं के सामने पहले के मुकाबले ज्यादा अवसर हैं और वे सिर्फ नौकरी तलाशने के बजाय कंपनियां बनाने और दुनिया में नेतृत्व करने के बारे में भी सोच सकते हैं।

कोरोना और युद्ध का जिक्र कर बोले- विरोधियों की उम्मीद पूरी नहीं हुई

पीएम मोदी ने अपने भाषण में कई मुश्किल दौर का भी जिक्र किया। उन्होंने केदारनाथ आपदा, कोरोना महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध, चक्रवात और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष जैसी परिस्थितियों को गिनाया।उन्होंने कहा कि अलग-अलग संकटों के बीच कुछ लोगों को लगा कि अब सरकार और मोदी मुश्किल में फंस जाएंगे। लेकिन प्रधानमंत्री के मुताबिक, ऐसा नहीं हुआ और देश इन परिस्थितियों से आगे निकलता रहा।

‘आज आप बड़े सपने देख सकते हैं’

छात्रों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बड़े सपने देखने के लिए सिर्फ प्रतिभा काफी नहीं होती, उसके लिए सही माहौल भी जरूरी है।उन्होंने कहा कि आज युवाओं के पास ऐसा इकोसिस्टम मौजूद है, जिसमें नेटवर्क, जानकारी और नए अवसर मिल रहे हैं। इसी वजह से युवा अब पहले से ज्यादा बड़े लक्ष्य तय कर पा रहे हैं।पीएम मोदी ने भारतीयों के दुनिया की बड़ी कंपनियों में नेतृत्व करने का उदाहरण देते हुए कहा कि जब भारतीय दुनिया की शीर्ष कंपनियों को लीड कर सकते हैं, तो भारतीयों की अपनी कंपनियां वैश्विक स्तर पर क्यों नहीं पहुंच सकतीं।

Gen Z की भाषा में भी नजर आए मोदी

छात्रों से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने Gen Z की भाषा का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने SRCC के पुराने छात्रों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्हें ‘OG’ कहा।प्रधानमंत्री का यह अंदाज भी कार्यक्रम के दौरान चर्चा में रहा। राजनीति के साथ-साथ उन्होंने युवाओं, स्टार्टअप, कारोबार और भारत के भविष्य पर भी छात्रों से बात की।