Defence Minister rajnath singh: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया कि पाकिस्तान की तरफ से होने वाली आतंकवादी साजिश का भारत कड़ा देगा। रक्षा मंत्री ने भारत की सांस्कृतिक विचारधारा संवाद, सहअस्तित्व और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करने की बात रही। लेकिन शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता को कमजोरी नहीं समझे।

एक साल में कम हुई आतंकवादियों की सक्रियता

रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर, बालाकोट हवाई हमले और सर्जिकल स्ट्राइक का उदाहरण देकर कहा कि यह केवल सैन्य अभियान नहीं थे। बल्कि देश की सुरक्षा में निर्णायक बदलाव के प्रतीक थे, जोआतंकवाद को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से सक्रिय कार्रवाई थी। साल 2014 के बाद से, ज्यादातर आतंकवादियों की 'सक्रियता अवधि' घटकर एक वर्ष से कम हो गई है, और सुरक्षा बल भारत के खिलाफ हथियार उठाने के एक वर्ष के भीतर ही उन्हें निष्क्रिय कर देते हैं।

शांति के साथ भारत की रक्षा जरूरी

रक्षा मंत्री ने शांति बनाए रखने के लिए शक्ति और क्षमता को जरूरी बताने पर जोर दिया। भारत शांति चाहता है लेकिन युद्ध के लिए भी तैयार है जो देश के लिए काफी अहम है। शांति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अडिग है, लेकिन किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए हम तरह से तैयार हैं। हमारा लक्ष्य ऐसे भारत का निर्माण करना है जो शांति को महत्व देते हुए सुरक्षा, सतर्कता, अपनी संप्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम हो।

अकेले हमलावर' और 'सफेदपोश आतंकवाद खतरा

सुरक्षा में बदलाव पर चर्चा करते हुए रक्षा मंत्री ने हाइब्रिड, हाई-टेक और अति-युद्ध के युग में कड़ी सतर्कता और तैयारी की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने डिजिटल युग में सुरक्षा खतरों की बढ़ती जटिलता को उजागर करा। '5D सुरक्षा खतरा' - दुष्प्रचार, अस्थिरता, व्यवधान, छल और विनाश - के रूप में वर्णित कर इसका उल्लेख किया।

आतंकवादी संगठित समूहों से आगे बढ़कर देश विकसित हो रहा है। उभरते खतरों में 'अकेले हमलावर' और 'सफेदपोश आतंकवाद' शामिल हैं। जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए कट्टरपंथी व्यक्तियों की पहचान करना और संभावित हमलों को रोकना लगातार कठिन होता जा रहा है।

कैप्टन स्मित मच्छर की प्रशंसा की

रक्षा मंत्री ने हाल ही में हुई घटना का जिक्र किया जिसमें एक सह-पायलट ने कथित तौर पर एक यात्री विमान को हाइजैक करने की कोशिश की। लेकिन कैप्टन स्मित मच्छर ने इस आतंकी हमले को टालने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली थी। घटना ने अकेले हमला करने वाले आतंकवादियों से होने वाले खतरे को उजागर किया।

लेकिन यह भी बताया कि कैसे एक व्यक्ति का साहस और दृढ़ संकल्प नफरत को हरा सका है। एक सतर्क और साहसी व्यक्ति पूरे आतंकवादी षड्यंत्र को नाकाम कर सकता है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में न केवल सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता बल्कि जागरूक और जिम्मेदार नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।

कठोर शक्ति' को 'नरम शक्ति' के साथ लाने की जरूरत

देश की रक्षा को लेकर की जाने वाली तैयारियों पर चर्चा करते हुए राजनाथ सिंह ने 'कठोर शक्ति' को 'नरम शक्ति' के साथ लाने की जरूरत बताई, जो 'स्मार्ट शक्ति' की ओर बदलाव करेगा। उन्होंने कहा, "आधुनिक रक्षा रणनीतियों में उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सटीक निर्देशित हथियारों और लोइटरिंग मुनिशन्स को प्रभावी हथियारों के साथ, मानव बुद्धिमत्ता को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ और उन्नत प्रणालियों को कम लागत वाली, चुस्त और अनुकूलनीय प्रौद्योगिकियों के साथ एकीकृत करना जरूरी है।

रक्षा क्षेत्र में नए उपकरण की लागत

सरकार रक्षा क्षेत्र में लगातार वृद्धि कर रहा है। भारत में आज रक्षा उत्पादन 2014 के 40,000 करोड़ रुपये से बढ़कर रिकॉर्ड 1.78 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, वहीं रक्षा निर्यात 2013-14 के 686 करोड़ रुपये से बढ़कर सर्वकालिक उच्च स्तर 39,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। भारत के रक्षा उत्पाद लगभग 100 देशों तक पहुंच रहे हैं। देश इस वर्ष 2 लाख करोड़ रुपये और 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त कर लेगा और 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये के रक्षा उपकरण निर्यात करेगा।

भारत की वैश्विक विश्वसनीयता बढ़ी

रक्षा मंत्री ने भारत की रक्षा प्रणाली में हुई इस वृद्धि का श्रेय निर्यात प्रक्रिया के सुधार को दिया। जिनमें रक्षा एक्जिम पोर्टल की शुरुआत, ऑनलाइन अनुमोदन, ओपन जनरल एक्सपोर्ट लाइसेंस, सुव्यवस्थित गुणवत्ता प्रमाणन और 'ग्रीन चैनल' नीति शामिल हैं। इनके जरिए भारत की वैश्विक विश्वसनीयता बढ़ी है और घरेलू उद्योग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हुए हैं।

रक्षा उपकरण की खरीद को दी मंजूरी

रक्षा मंत्रालय ने स्टार्टअप्स और MSME से 2,400 करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत के रक्षा उपकरण और सेवाओं की खरीद को मंजूरी दी है। नई प्रौद्योगिकी विकास के लिए 1,500 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं को स्वीकार किया गया है। इसी साल 2026 के मार्च तक, iDEX ने 676 स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को शामिल किया था।

रक्षा स्टार्टअप्स शुरू

551 अनुबंधों पर साइन करने में मदद मिली। साल 2018 में कुछ दर्जन रक्षा स्टार्टअप्स से शुरू होकर, यह इकोसिस्टम बढ़कर 2,000 से अधिक हो गया है, जिसमें युवा उद्यम ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स और अन्य उन्नत क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।

बुलेटप्रूफ जैकेट अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गोला-बारूद निर्माण की प्रगति का हवाला देते हुए कहा कि रक्षा बलों द्वारा उपयोग किए जाने वाले 175 प्रकार के गोला-बारूदों में से 159 अब स्वदेशी रूप से उत्पादित किए जाते हैं। जो गोला-बारूद के मामले में 90 प्रतिशत से अधिक आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। भारत द्वारा 100 से अधिक देशों को बुलेटप्रूफ जैकेट के निर्यात का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि बुलेटप्रूफ जैकेट के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप राष्ट्रीय मानक स्थापित करने वाला देश विश्व का चौथा देश है। उन्होंने वन रैंक वन पेंशन योजना के कार्यान्वयन और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद के सृजन के बारे में भी बात की और इन्हें रक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदम बताया।

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