नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आर्थिक नीतियों के जरिए चुनिंदा पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने और बाजार में एकाधिकार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। खड़गे ने अपने बयान में भाजपा की नीतियों को ‘आर्थिक आतंकवाद’ करार दिया। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार की नीतियां आम लोगों के हितों के बजाय बड़े कारोबारी समूहों के पक्ष में काम कर रही हैं।

खड़गे ने भाजपा की आर्थिक नीतियों पर उठाए सवाल

खड़गे ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि देश की अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के बजाय एकाधिकार की स्थिति को मजबूत किया जा रहा है। उनके मुताबिक, आर्थिक नीतियों का लाभ कुछ चुनिंदा पूंजीपतियों तक सीमित रहने से छोटे कारोबारियों और आम लोगों के हित प्रभावित हो सकते हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर अपने करीबी कारोबारी समूहों को फायदा पहुंचाने का आरोप भी लगाया। उनके बयान के मुताबिक, सरकार की नीतियों से बड़े उद्योगपतियों को लाभ मिल रहा है, जबकि आम नागरिकों के सामने रोजगार और आर्थिक अवसरों से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।

क्या होता है आर्थिक एकाधिकार?

आर्थिक एकाधिकार यानी मोनोपॉली ऐसी स्थिति है, जिसमें किसी बाजार में एक कंपनी या कारोबारी समूह का दबदबा बहुत अधिक हो जाता है और प्रतिस्पर्धा सीमित हो जाती है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं के पास विकल्प कम हो सकते हैं और कीमतों तथा बाजार की शर्तों पर बड़ी कंपनियों का प्रभाव बढ़ सकता है।

भाजपा सरकार की नीतियों पर राजनीतिक बहस

आर्थिक नीतियों को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं। विपक्ष जहां निजीकरण, रोजगार, आर्थिक असमानता और बड़े कारोबारी समूहों के प्रभाव जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरता रहा है, वहीं सरकार की आर्थिक नीतियों का मूल्यांकन निवेश, विकास, रोजगार सृजन और कारोबारी माहौल जैसे मानकों पर किया जाता है।

ऐसे में खड़गे का ताजा बयान केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर कांग्रेस के विरोध को दर्शाता है। इस मुद्दे पर वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए संबंधित नीतियों, बाजार में प्रतिस्पर्धा, रोजगार के आंकड़ों और विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों के प्रदर्शन को भी देखना जरूरी है।