Brics Summit 2026: बिहार के पारंपरिक उत्पाद अब वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। दिल्ली में आयोजित होने वाले BRICS Summit 2026 की वेलकम किट में बिहार के प्रसिद्ध सत्तू और मखाना को शामिल किया गया है। विदेशी मेहमानों को दिए जाने वाले इस खास व्यंजन के जरिए बिहार के पारंपरिक स्वाद, संस्कृति और स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताई प्रसन्नता
सत्तू और मखाना को वेलकम किट में जगह मिलने पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रसन्नता जताई है। उन्होंने इसे राज्य के लिए गौरव का क्षण बताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,नए बिहार की नई पहचान, बिहार का स्वाद अब दुनिया के सामने।
बिहार का गौरव वैश्विक मंच पर!
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) September 11, 2026
दिल्ली BRICS Summit में Welcome Kit में शामिल सत्तू और मखाना हमारे स्वाद, परंपरा और उद्यमिता की पहचान हैं।
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी का आभार, जिन्होंने ‘Local to Global’ संकल्प को साकार किया।
नए बिहार की नई पहचान—बिहार का स्वाद अब…
सीएम सम्राट चौधरी ने जताया प्रधानमंत्री का आभार
मुख्यमंत्री ने कहा कि BRICS Summit 2026 की वेलकम किट में शामिल सत्तू और मखाना बिहार के स्वाद, परंपरा और उद्यमिता की पहचान हैं। उन्होंने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, बिहार के स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचाने से लोकल टू ग्लोबल के संकल्प को मजबूती मिलेगी। इससे राज्य के किसानों, उत्पादकों और छोटे उद्यमियों को भी अपने उत्पादों के लिए नए बाजार तलाशने का अवसर मिल सकता है।
एक ही मेज पर दिखेगी भारत की स्वाद विविधता
BRICS सम्मेलन में शामिल होने वाले विदेशी मेहमानों को भारत की सांस्कृतिक और खानपान की विविधता से परिचित कराने की भी तैयारी की गई है। सम्मेलन के दौरान देश के अलग-अलग क्षेत्रों के पारंपरिक और लोकप्रिय व्यंजनों को मेन्यू में शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है।
मेहमानों को रागी का डोसा, बाजरे का उपमा, कश्मीरी पुलाव, हैदराबादी बिरयानी और लखनवी कबाब जैसे व्यंजनों का स्वाद चखने का मौका मिल सकता है। इसके अलावा बाजरा उपमा, अवधी कबाब और किनुआ बिरयानी जैसे विकल्प भी भारतीय खानपान की विविधता को प्रदर्शित करेंगे।
सत्तू और मखाना से बनेगी बिहार की नई पहचान
सत्तू लंबे समय से बिहार के पारंपरिक खानपान का अहम हिस्सा रहा है। गर्मियों में सत्तू का शरबत हो या भोजन में इसका इस्तेमाल, यह राज्य की खाद्य संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है। वहीं, मखाना बिहार के प्रमुख कृषि उत्पादों में शामिल है और पिछले कुछ वर्षों में देश-विदेश में इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। पोषण से भरपूर होने के कारण मखाना हेल्दी स्नैक के रूप में भी लोकप्रिय हो रहा है।
BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच से सत्तू और मखाना को पहचान मिलने से बिहार के इन उत्पादों की ब्रांडिंग और निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा मिल सकता है। ऐसे में यह पहल सिर्फ बिहार के स्वाद को दुनिया तक पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय उत्पादों और उद्यमिता को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में भी अहम कदम मानी जा रही है।
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'लोकल टू ग्लोबल' की ओर बिहार
BRICS Summit की वेलकम किट में बिहार के सत्तू और मखाना का शामिल होना राज्य के लिए सांस्कृतिक और आर्थिक, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिहार की मिट्टी से जुड़े ये उत्पाद अब दुनिया के अलग-अलग देशों से आने वाले मेहमानों तक पहुंचेंगे।
इस पहल से यह संदेश भी जाता है कि भारत की ताकत केवल आधुनिक उद्योगों में ही नहीं, बल्कि उसके पारंपरिक उत्पादों, स्थानीय स्वाद और सदियों पुरानी खाद्य संस्कृति में भी है। बिहार का सत्तू और मखाना इसी 'लोकल टू ग्लोबल' यात्रा की नई मिसाल बनकर सामने आए हैं।