BRICS Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से द्विपक्षीय मुलाकात की। मलेशिया प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर ब्रिक्स के पार्टनर देश के रूप में इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहा है। दोनों नेताओं की बैठक में भारत-मलेशिया संबंधों को और मजबूत करने तथा कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
#WATCH | दिल्ली | ब्रिक्स सम्मेलन 2026 के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ हैदराबाद भवन में द्विपक्षीय बैठक की।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 12, 2026
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भारत और मलेशिया के संबंधों को दिया गया था CSP का दर्जा
भारत और मलेशिया के संबंधों को अगस्त 2024 में 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (CSP) का दर्जा दिया गया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई गति मिली है। फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया का दौरा किया था। उस दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा और सुरक्षा, समुद्री सहयोग, व्यापार एवं निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन समेत कई क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया था।
ब्रिक्स में मलेशिया का एजेंडा
मलेशिया के विदेश मंत्रालय के अनुसार, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन वैश्विक शासन, सतत विकास, आर्थिक सहयोग, व्यापार और निवेश, डिजिटल परिवर्तन तथा विकासशील देशों के सामने मौजूद चुनौतियों पर चर्चा का महत्वपूर्ण मंच है।
प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम शिखर सम्मेलन में 'समावेशी वैश्विक विकास के लिए भविष्य को आकार देने' विषय पर अपना राष्ट्रीय वक्तव्य देंगे। मलेशिया का जोर इस बात पर रहेगा कि ब्रिक्स सदस्य और पार्टनर देश मिलकर विकास संबंधी चुनौतियों का समाधान तलाशें और आर्थिक अवसरों का विस्तार करें।
मलेशिया तकनीकी प्रगति और नवाचार के लाभ को अधिक समान और समावेशी बनाने की दिशा में भी सहयोग बढ़ाने की वकालत करेगा। डिजिटल अर्थव्यवस्था और नई तकनीकों को विकासशील देशों के लिए आर्थिक अवसरों के रूप में देखा जा रहा है।
केरल दौरे में सामुदायिक और शैक्षिक मुद्दों पर चर्चा
ब्रिक्स सम्मेलन के बाद अनवर इब्राहिम केरल का दौरा भी करेंगे। इस दौरान वह राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन और भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबक्र अहमद से मुलाकात करेंगे।इन बैठकों में सामुदायिक विकास, शिक्षा और विभिन्न धर्मों के बीच एकता जैसे मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान होने की उम्मीद है। इसके अलावा व्यापार एवं निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, प्रतिभा और श्रम, शिक्षा तथा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।
पुतिन के साथ देर रात हुई अहम बैठक
भारत के साथ बैठक से पहले अनवर इब्राहिम ने शुक्रवार रात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता की। मलेशियाई प्रधानमंत्री के अनुसार, यह बैठक रात करीब 11 बजे शुरू हुई और दोस्ताना माहौल में हुई। बैठक में दोनों देशों ने मलेशिया-रूस संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और सहयोग को मजबूत करने के लिए कई ठोस कदमों पर चर्चा की। इब्राहिम ने विशेष रूप से पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
सीधी उड़ानों और वीजा-मुक्त यात्रा पर जोर
मलेशियाई प्रधानमंत्री ने रूस और मलेशिया के बीच सीधी उड़ानें शुरू करने की कोशिशों में तेजी लाने की बात कही। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच पर्यटन और कारोबारी संपर्क को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही पहले से तय वीजा-मुक्त यात्रा व्यवस्था को लागू करने की दिशा में भी तेजी लाने पर चर्चा हुई। मलेशिया का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी और आसान यात्रा व्यवस्था दोनों देशों के बीच आर्थिक तथा लोगों के बीच संबंधों को मजबूत कर सकती है।
समझौतों के इम्प्लीमेंटेशन के लिए विशेष सिस्टम का प्रस्ताव
पुतिन के साथ बैठक में अनवर इब्राहिम ने दोनों देशों के बीच हुए समझौतों को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए एक विशेष प्रणाली बनाने का प्रस्ताव भी रखा। इसका उद्देश्य विभिन्न समझौतों के इम्प्लीमेंटेशन में तालमेल स्थापित करना और काम की गति बढ़ाना है।
नई दिल्ली में अनवर इब्राहिम की भारत और रूस के नेताओं के साथ हुई बैठकों से यह संकेत मिलता है कि मलेशिया ब्रिक्स मंच का इस्तेमाल अपने आर्थिक, रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को व्यापक बनाने के लिए कर रहा है। भारत-मलेशिया साझेदारी के साथ रूस के साथ सहयोग बढ़ाने की कोशिशें दक्षिण-पूर्व एशिया और व्यापक वैश्विक अर्थव्यवस्था में मलेशिया की सक्रिय भूमिका को भी दर्शाती हैं।