Bank Strike: देशभर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी शुक्रवार को एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर हुई इस हड़ताल में 5 दिन की बैंकिंग वीक लागू करने समेत कई लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया। यूनियनों ने चेतावनी दी है कि अगर मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जा सकती है।
5 दिन बैंक खोलने की मांग क्यों?
बैंक यूनियनों की सबसे प्रमुख मांग सप्ताह में केवल पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की है। यूनियनों का कहना है कि फिलहाल महीने के दो शनिवार को बैंक बंद रहते हैं, जबकि बाकी शनिवार को काम होता है। मार्च 2024 में हुए समझौते के तहत सोमवार से शुक्रवार तक काम के घंटों में आवश्यक बदलाव करने पर सहमति बनी थी, लेकिन सभी शनिवार को अवकाश देने के प्रस्ताव को अभी तक सरकार की मंजूरी नहीं मिली है। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन (AIBEA) के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने चेन्नई में कहा कि देशभर में करीब 8 लाख कर्मचारी, अधिकारी और मैनेजर हड़ताल में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था का मुद्दा करीब 30 महीने से लंबित है।
26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
वेंकटचलम ने कहा कि यूनियनों ने मुख्य श्रम आयुक्त, वित्त मंत्रालय और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ कई दौर की बातचीत की, लेकिन मांग को लागू करने की समयसीमा पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने अब भी कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल और मांगें पूरी नहीं होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है।
किन मांगों को लेकर प्रदर्शन?
5 दिन की बैंकिंग वीक के अलावा बैंक यूनियनों ने Performance Linked Incentive (PLI) स्कीम और पेंशन से जुड़े मुद्दों समेत कई लंबित मांगों को भी उठाया है। यूनियनों का कहना है कि बैंकिंग सेक्टर में डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ा है और अधिकांश बैंकिंग सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। ऐसे में कर्मचारियों के लिए पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू किया जाना चाहिए।
90 फीसदी बैंकिंग कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने का दावा
UFBU का दावा है कि वह देश के 90 फीसदी से अधिक बैंकिंग कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है। इस संगठन में सात प्रमुख बैंक यूनियन शामिल हैं।
All India Bank Employees' Association (AIBEA)
All India Bank Officers' Confederation (AIBOC)
National Confederation of Bank Employees (NCBE)
All India Bank Officers' Association (AIBOA)
Bank Employees Federation of India (BEFI)
Indian National Bank Officers' Congress (INBOC)
Indian National Bank Employees' Federation (INBEF)
दिल्ली से भोपाल तक प्रदर्शन
हड़ताल के दौरान दिल्ली, भोपाल, चेन्नई, सिलीगुड़ी, राजकोट, विजयवाड़ा और भुवनेश्वर समेत कई शहरों में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने प्रदर्शन किया। मध्य प्रदेश के भोपाल में UFBU से जुड़े कर्मचारियों ने विरोध मार्च निकाला, जबकि ओडिशा के भुवनेश्वर में भी बैंक कर्मचारियों ने पांच दिन की बैंकिंग वीक की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
सिलीगुड़ी में बैंक एम्प्लाइज फेडरेशन के उपाध्यक्ष श्यामल कुमार हाजरा ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने तर्क दिया कि जब बैंकिंग का बड़ा हिस्सा डिजिटल हो चुका है और करीब 90 फीसदी बैंकिंग काम डिजिटल माध्यमों से हो रहा है, तो पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।
SBI अधिकारियों ने भी उठाई मांग
गुजरात के राजकोट में ऑल इंडिया SBI ऑफिसर्स एसोसिएशन के उप महासचिव पवन शर्मा ने कहा कि UFBU के तहत करीब 9 लाख बैंक कर्मचारी इस आंदोलन से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि पांच दिन की बैंकिंग वीक को लेकर पहले भी सहमति बनी थी, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया।
विजयवाड़ा में SBI ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव ने भी कहा कि डिजिटल बैंकिंग और UPI के दौर में पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार, सरकारी विभागों और कई बड़ी निजी कंपनियों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू है, जबकि राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी अभी भी छह दिन काम कर रहे हैं। यूनियनों ने साफ किया है कि 5 दिन की बैंकिंग वीक समेत अन्य मांगों पर फैसला होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।