18th brics summit 2026: 18वें BRICS शिखर सम्मेलन 2026 के लिए दिल्ली पूरी तरह से सज चुकी है। रात में जहां रोशनी से सराबोर सड़के और इमारते लोगों का ध्यान खींच रही हैं। तो वहीं दिन के उजाले में सड़कों पर लगे रंग बिरंगे पोस्टरों और बैनरों लोगों के आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा अगर कुछ चीज पसंद आ रही है तो वह है, BRICS शिखर सम्मेलन के लिए डिजाइन किया गया खास लोगो।
क्या कहती हैं कमल की पंखुड़ियां
कमल के फूल की पंखुड़ियों के डिजाइन का इस्तेमाल कर BRICS में शामिल सदस्य देशों के जीवंत रंगों को दर्शाती हैं। 'नमस्ते' की मुद्रा भारत की गर्मजोशी,सम्मान और मिल-जुलकर काम करने की भावना को दिखाती है। यह डिज़ाइन सहयोग, टिकाऊ विकास और वैश्विक सद्भाव के व्यापक BRICS विज़न को दर्शाता है।
भारत को मिली 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी
BRICS बिज़नेस फ़ोरम के साथ BRICS समिट 2026 की आज शुरुआत हो चुकी है। रूस, चीन, बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाकिस्तान, मलेशिया, थाईलैंड, नाइजीरिया, उज्बेकिस्तान, वियतनाम और युगांडा व अन्य देश BRICS सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं। 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत को मिली। इसके लिए भारत मंडपम में इसका भव्य आयोजन किया गया है।
कमल की पंखुड़ियां दर्शाती हैं देशों के रंग
BRICS सम्मलेन को लेकर पहले से ही तैयारियां की जा रही थी। सबसे ज्यादा BRICS शिखर सम्मेलन के लिए डिजाइन किए जाने वाले Logo पर भी फोक्स किया गया। LOGO को इस तरह से डिजाइन किया गया है, जिससे इसमें परंपरा और आधुनिकता दोनों का मिश्रण दिखाई दे। Logo के डिजाइन की खासियत उसकी पंखुड़ियां है जो, BRICS के सभी सदस्य देशों के रंगों को दर्शाती हैं। यह कमल की पंखुड़ियों का डिजाइन उनकी सामूहिक एकजुटता और एकता को दर्शाती हैं।
केंद्र में 'नमस्ते' मुद्रा का अर्थ गर्मजोशी
BRICS सम्मलेन के Logo की दूसरी खासियत है, केंद्र में 'नमस्ते' मुद्रा। जिसका सीधा अर्थ है, भारत की विदेशी नागरिकों के स्वागत में गर्मजोशी और उनका सम्मान करना। इसके साथ ही मिलजुलकर काम करने की भावना भी नमस्ते मुद्रा में दर्शाती है। इसके साथ ही BRICS के 3 मुख्य स्तंभ भी हैं। यह तीन स्तंभ राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग के साथ-साथ आर्थिक- वित्तीय साझेदारी और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान को बताता है।
सभी देशों के बीच बातचीत, समावेश और साझा विकास का संदेश
Logo को इस तरह से डिजाइन किया गया है। जिसमें सभी देशों के बीच बातचीत, समावेश और साझा विकास का संदेश जाए। आम तौर पर यह कहा जा सकता है कि लोगो का डिजाइन सहयोग के साथ-साथ विकास और वैश्विक सद्भाव के विज़न को दर्शाता है। आज, ब्रिक्स में 11 देश शामिल हैं। इसमें ब्राज़ील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और UAE हैं।
बताते चले कि यह सभी देश
ये सभी सदस्य देश एक साथ मिलकर विश्व के विकास में 49.5% आबादी के लिए 40% GDP और 26% व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये आंकड़े उनकी बड़ी आबादी के साथ-साथ बेहतरीन आर्थिक स्थिति को भी दर्शाता है। सदस्यों की संख्या बढ़ने से एशिया, अफ्रीका, मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका में BRICS की भौगोलिक पहुंच बढ़ी है। जिसके जरिए बड़े बाज़ार, प्राकृतिक संसाधन, तकनीकी क्षमताएं भी एक साथ जुड़ती हैं।
यह भी पढ़ें: 11 सितंबर 2026 राशिफल: पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का आपकी राशि पर कैसा पड़ेगा असर? जानें शुभ-अशुभ परिणाम