Special Intensive Revision (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध जारी है। इस बीच आम आदमी पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह 6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक की ओर से चुनाव आयोग के दफ्तर तक निकाले जाने वाले मार्च में शामिल नहीं होगी।
AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर लगातार अपना विरोध दर्ज करा रही है, लेकिन INDIA ब्लॉक के साझा कार्यक्रम में शामिल होने के बजाय वह अपनी अलग रणनीति के तहत आंदोलन जारी रखेगी।
'अपनी तरह से लड़ाई लड़ रहे हैं'
संजय सिंह ने कहा कि AAP के नेता देश के अलग-अलग हिस्सों में SIR को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी अपने प्रदर्शनों में AAP के बैनर तक का इस्तेमाल नहीं कर रही है।संजय सिंह के मुताबिक, पार्टी इस मुद्दे को राजनीतिक दल का मामला नहीं बल्कि आम लोगों से जुड़ा मुद्दा मानती है। उन्होंने कहा कि AAP अपनी तरफ से इस लड़ाई को जारी रखेगी, लेकिन 6 अक्टूबर के INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन का हिस्सा नहीं बनेगी।
INDIA ब्लॉक ने 6 अक्टूबर को मार्च का किया है ऐलान
INDIA ब्लॉक ने 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक 'Save Democracy March' समेत कई विरोध कार्यक्रमों का ऐलान किया है। इसके तहत विपक्षी सांसदों को 6 अक्टूबर को संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च करना है।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पिछले सप्ताह इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा था कि विपक्षी दल चुनाव आयोग के सामने अपनी चिंताएं रखेंगे। गठबंधन के नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठाए हैं।
AAP नेता पहले भी प्रदर्शन में रहे शामिल
हालांकि AAP ने साझा INDIA ब्लॉक मार्च से दूरी बनाई है, लेकिन पार्टी के नेता SIR को लेकर दिल्ली में हुए प्रदर्शनों में सक्रिय रहे हैं। AAP की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज समेत पार्टी के कई नेता हाल के प्रदर्शनों में शामिल हुए हैं।दिल्ली में हुए कुछ प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया था। संजय सिंह और पार्टी के अन्य नेताओं की ओर से भी SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर लगातार बयान दिए जाते रहे हैं।
राहुल गांधी ने भी Form 6 को लेकर उठाए सवाल
इसी विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर Form 6 में कथित बदलाव को लेकर आरोप लगाए। उनका बयान सुप्रीम कोर्ट की उस सुनवाई के बाद आया, जिसमें अदालत ने स्पष्ट किया था कि उसने Form 6 के किसी संशोधित प्रारूप को मंजूरी नहीं दी है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि Form 6 में बदलाव कथित तौर पर गैरकानूनी और एकतरफा तरीके से किया गया। हालांकि यह राजनीतिक आरोप है और सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। अदालत ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है और CEC को निलंबित करने की अंतरिम मांग पर तत्काल आदेश देने से इनकार किया है।