नई दिल्ली: सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी मेडिकल खरीद प्रक्रिया में कथित बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) की खरीद प्रक्रिया को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गंभीर आरोप लगाए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि इस कथित घोटाले में पांच लाभार्थी कंपनियों को 839 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इतना ही नहीं, खरीद प्रक्रिया से जुड़ी टेंडर फाइलों को भी जानबूझकर नष्ट किया गया, ताकि महत्वपूर्ण सबूत सामने न आ सकें।

Highlights:-

  • DGHS की मेडिकल खरीद प्रक्रिया में कथित घोटाले का मामला।
  • पांच लाभार्थी कंपनियों को 839 करोड़ रुपये देने का ACB का दावा।
  • टेंडर से जुड़ी फाइलें जानबूझकर नष्ट करने का आरोप।
  • भुगतान और दस्तावेजों को नष्ट करने के मामले की जांच जारी।

पांच कंपनियों को 839 करोड़ रुपये का भुगतान

ACB के मुताबिक, मेडिकल खरीद से जुड़े इस मामले में पांच कंपनियों को कुल 839 करोड़ रुपये दिए गए। जांच एजेंसी अब इस भुगतान की प्रक्रिया और इसके पीछे की परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है। जांच का अहम पहलू यह है कि इन कंपनियों को किस आधार पर भुगतान किया गया और क्या खरीद प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन हुआ था।

सरकारी खरीद में टेंडर प्रक्रिया का उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखना और योग्य कंपनियों को समान अवसर देना होता है। ऐसे में पांच कंपनियों को इतनी बड़ी रकम दिए जाने को लेकर उठे सवालों ने मामले को गंभीर बना दिया है।

टेंडर फाइलें जानबूझकर नष्ट करने का आरोप

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला आरोप टेंडर से जुड़े दस्तावेजों को नष्ट करने का है। ACB का दावा है कि टेंडर फाइलों को जानबूझकर खत्म किया गया। इन दस्तावेजों में कंपनियों के चयन, टेंडर की शर्तों, अधिकारियों की मंजूरी और भुगतान से जुड़ी अहम जानकारियां हो सकती थीं।

जांच एजेंसी के अनुसार, फाइलों को नष्ट करने के पीछे कथित तौर पर सबूत मिटाने की मंशा हो सकती है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दस्तावेज किसने और किन परिस्थितियों में नष्ट किए।

जांच के घेरे में खरीद प्रक्रिया और भुगतान

839 करोड़ रुपये के भुगतान और टेंडर फाइलें नष्ट करने के आरोपों के बाद मेडिकल खरीद की पूरी प्रक्रिया जांच के दायरे में है। ACB यह पता लगाने में जुटी है कि भुगतान को किस स्तर पर मंजूरी मिली और इस कथित अनियमितता में किन लोगों की भूमिका रही।

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