Beawar Bharatpur Greenfield Expressway: राजस्थान में बन रहा ब्यावर-भरतपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे राज्य की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाला है। करीब 277 किलोमीटर लंबा यह एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ेगा। इसके बनने के बाद दिल्ली-NCR, अजमेर, ब्यावर, जयपुर, दौसा और भरतपुर जैसे प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा नया कॉरिडोर
ब्यावर-भरतपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसका दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ाव है। यह कॉरिडोर दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा।इस कनेक्टिविटी का लाभ दिल्ली, गुरुग्राम और सोहना से राजस्थान की ओर आने-जाने वाले वाहनों को मिलेगा। नए एक्सप्रेसवे के जरिए वाहन हाई-स्पीड सड़क नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए अजमेर, ब्यावर और भरतपुर जैसे शहरों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
दिल्ली से अजमेर और भरतपुर पहुंचना होगा आसान
एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद कई प्रमुख रूटों पर यात्रा का समय कम होने का अनुमान है।
- दिल्ली से अजमेर: करीब साढ़े 4 से 5 घंटे
- दिल्ली से भरतपुर: करीब ढाई से 3 घंटे
- ब्यावर से भरतपुर: करीब 3 से साढ़े 3 घंटे
फिलहाल दिल्ली से अजमेर पहुंचने में लगभग 7 से 8 घंटे लगते हैं। वहीं ब्यावर से भरतपुर के बीच सफर में भी करीब 7 से 8 घंटे का समय लग सकता है। नए एक्सप्रेसवे से इन यात्राओं को तेज और सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
किन जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे?
करीब 277 किलोमीटर लंबा यह 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे राजस्थान के कई जिलों को आपस में जोड़ेगा। इसका रूट जयपुर, टोंक, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली और भरतपुर जैसे जिलों से होकर गुजरेगा।यह एक्सप्रेसवे जयपुर जिले के दूदू क्षेत्र में स्थित ग्राम झाग से शुरू होकर भरतपुर के ऊंचा नगला तक जाएगा। ऊंचा नगला के पास यह NH-21 से जुड़ेगा।इस परियोजना से करीब 210 गांव प्रभावित होंगे। कई क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण और रूट सर्वे का काम जारी है।
120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की जा सकती है। यात्रियों की सुविधा और सड़क सुरक्षा के लिए इस कॉरिडोर पर कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए जाएंगे।परियोजना में शामिल प्रमुख निर्माण इस प्रकार हैं:
- 30 बड़े और छोटे पुल
- 4 रेल ओवरब्रिज
- 7 फ्लाईओवर
- 10 इंटरचेंज
- 179 छोटे-बड़े अंडरपास
इन सुविधाओं से स्थानीय यातायात, रेलवे क्रॉसिंग और गांवों के आवागमन को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
कई प्रमुख हाईवे से होगा कनेक्शन
ब्यावर-भरतपुर एक्सप्रेसवे को अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे, NH-448 और NH-21 जैसे प्रमुख सड़क मार्गों से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा यह कॉरिडोर NH-48 और NH-21 पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने में भी सहायक हो सकता है।इस एक्सप्रेसवे के पूरा होने से राजस्थान के औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है। साथ ही दिल्ली-NCR और राजस्थान के बीच माल ढुलाई तथा यात्रियों की आवाजाही भी अधिक सुविधाजनक हो सकती है।