नई दिल्ली: भारत में हाईस्पीड रेल नेटवर्क को विस्तार देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली से सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को लेकर काम आगे बढ़ रहा है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी NHSRCL ने दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) रेल मंत्रालय को सौंप दी है। इस प्रस्तावित नेटवर्क को आगे वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक जोड़ने की योजना है।
दिल्ली से सिलीगुड़ी तक चलेगी बुलेट ट्रेन
प्रस्तावित हाईस्पीड रेल नेटवर्क दिल्ली को उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल से जोड़ने वाला है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से बताए गए प्रस्ताव के मुताबिक नेटवर्क में दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी को जोड़ा जाएगा। सरकार ने 2026-27 के बजट में कई नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया था, जिसमें दिल्ली-सिलीगुड़ी कनेक्टिविटी भी शामिल है।
यूपी के कई इलाकों से गुजरेगा रूट
इस नेटवर्क में उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों को हाईस्पीड रेल से जोड़ने की योजना है। प्रस्तावित नेटवर्क में दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी प्रमुख पड़ाव हैं। इसके अलावा प्रस्तावित यूपी बुलेट ट्रेन नेटवर्क में अयोध्या, आगरा और प्रयागराज जैसे शहरों को भी जोड़ने की योजना का उल्लेख किया गया है। हालांकि अलग-अलग खंडों के स्टेशन और अंतिम रूट को परियोजना की मंजूरी और विस्तृत प्रक्रिया के बाद ही अंतिम रूप दिया जाएगा।
बिहार में इन शहरों को मिलेगा कनेक्शन
वाराणसी के बाद हाईस्पीड रेल नेटवर्क को पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक ले जाने की योजना है। रेल मंत्रालय की ओर से भी वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का उल्लेख किया गया है। इससे बिहार को पहली बार प्रस्तावित बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जुड़ने का मौका मिलेगा। रेल मंत्री ने जून 2026 में कहा था कि दिल्ली से पटना की यात्रा प्रस्तावित नेटवर्क के जरिए करीब 4 घंटे 41 मिनट में पूरी हो सकती है।
दिल्ली से वाराणसी करीब 3 घंटे 30 मिनट में
रेलवे के मुताबिक प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड कॉरिडोर पर दिल्ली से वाराणसी का सफर करीब 3 घंटे 30-50 मिनट में पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है। वहीं वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक हाईस्पीड कनेक्शन की योजना है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक वाराणसी-सिलीगुड़ी सफर करीब 2 घंटे 55 मिनट में पूरा करने का प्रस्ताव है।
अभी किस स्टेज पर है परियोजना?
अभी परियोजना के अलग-अलग हिस्सों की योजना, DPR, तकनीकी अध्ययन और आगे की मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है। हालिया अपडेट में NHSRCL द्वारा दिल्ली-वाराणसी खंड की DPR रेल मंत्रालय को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। किसी बड़े हाईस्पीड रेल कॉरिडोर को अंतिम मंजूरी देने में DPR के नतीजे, तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता और वित्तीय व्यवस्था जैसे पहलुओं को देखा जाता है।
दिल्ली से सिलीगुड़ी कनेक्टिविटी हैं अहम
यह कॉरिडोर उत्तर भारत और पूर्वी भारत के बीच तेज रेल कनेक्टिविटी तैयार करने की योजना का हिस्सा है। दिल्ली से शुरू होकर यूपी के बड़े शहरों, बिहार के पटना और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक हाईस्पीड रेल नेटवर्क बनने से इन क्षेत्रों के बीच यात्रा का समय कम करने का लक्ष्य है। आधिकारिक दस्तावेजों में इसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच एक नए हाईस्पीड कनेक्शन के रूप में बताया गया है।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि DPR का काम आगे बढ़ चुका है, लेकिन ट्रेन कब से नियमित रूप से चलेगी और सभी स्टेशनों का अंतिम रूट क्या होगा, इसका फैसला परियोजना की आगे की मंजूरी और निर्माण प्रक्रिया के बाद होगा।
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