IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे एक बार फिर अपनी सख्त कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं। करीब 21 साल की सेवा में 25 तबादले झेल चुके मुंढे को महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की जिम्मेदारी मिलने के बाद से लगातार कार्रवाई के लिए जाना जा रहा है। उनका फोकस खाद्य पदार्थों में मिलावट, नियमों की अनदेखी और खाद्य कारोबार में सुरक्षा मानकों के पालन पर है।

FDA में आते ही क्या बदला?
मुंढे ने FDA आयुक्त का पद संभालने के बाद राज्यभर में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच तेज करने पर जोर दिया। होटल, रेस्तरां, डेयरी, मिठाई की दुकानों और दूसरे खाद्य कारोबारों में स्वच्छता और लाइसेंस से जुड़े नियमों की जांच की जा रही है। गड़बड़ी मिलने पर नोटिस, लाइसेंस निलंबन और दूसरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

क्या है तुकाराम मुंढे का ‘एक्शन फॉर्मूला’?
उनकी कार्रवाई का तरीका सिर्फ छापेमारी तक सीमित नहीं है। इसे मोटे तौर पर इन चरणों में समझा जा सकता है—

1. शिकायत या सूचना पर जांच
जहां मिलावट या नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलती है, वहां टीमों को जांच के लिए भेजा जाता है।

2. मौके पर निरीक्षण
खाद्य सामग्री, साफ-सफाई, स्टोरेज, लाइसेंस और दूसरे जरूरी मानकों की जांच की जाती है।

3. सैंपल और सबूत जुटाना
संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाते हैं और जरूरत के मुताबिक उनकी जांच कराई जाती है।

4. गड़बड़ी पर कार्रवाई
नियमों का गंभीर उल्लंघन मिलने पर लाइसेंस निलंबित करने से लेकर कानूनी कार्रवाई तक की जा सकती है।

5. सुधार का मौका
मुंढे के मुताबिक कार्रवाई का मकसद केवल कारोबार बंद कराना नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन सुनिश्चित करना भी है। कमियां दूर होने के बाद दोबारा जांच की जा सकती है।

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21 साल में 25 ट्रांसफर क्यों चर्चा में हैं?
तुकाराम मुंढे का प्रशासनिक करियर लंबे समय से उनकी सख्त और बेबाक कार्यशैली के कारण सुर्खियों में रहा है। बार-बार तबादलों का मुद्दा भी इसी वजह से उनके नाम के साथ जोड़ा जाता रहा है। हालांकि, हर तबादले को उनकी कार्यशैली का नतीजा मानना सही नहीं होगा, क्योंकि प्रशासनिक तबादलों के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं।

फिलहाल FDA में उनकी भूमिका इसलिए अहम है क्योंकि खाद्य सुरक्षा सीधे आम लोगों की सेहत और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी है। ऐसे में मिलावट और नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई को लेकर उनकी सख्ती लगातार चर्चा में बनी हुई है।

क्यों खास है FDA का काम?
खाद्य एवं औषधि प्रशासन का काम सिर्फ दुकानों की जांच करना नहीं है। इसके दायरे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, दवाओं की निगरानी, लाइसेंसिंग, मिलावट और नियमों के उल्लंघन जैसे कई अहम मामले आते हैं। इसलिए FDA में किसी भी कार्रवाई का असर सीधे आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है।