भारतीय खान-पान में घी का इस्तेमाल कोई नई बात नहीं है। घरों में लंबे समय से गर्म रोटी पर थोड़ा-सा देसी घी लगाकर खाने की परंपरा रही है। दादी-नानी भी अक्सर घी को ताकत और पोषण से जोड़कर देखती थीं। हालांकि घी कैलोरी और फैट से भरपूर होता है, लेकिन संतुलित मात्रा में इसे डाइट का हिस्सा बनाया जाए तो यह शरीर को कुछ जरूरी पोषक तत्व और ऊर्जा दे सकता है, तो आखिर रोटी के साथ घी खाने से शरीर को क्या लाभ मिल सकते हैं? आइए जानते हैं।
ब्लड शुगर के अचानक बढ़ने से बचाने में मदद
सिर्फ रोटी खाने की तुलना में उसके साथ फैट का सेवन करने से भोजन के पाचन और ग्लूकोज के अब्जॉर्प्शन की गति प्रभावित हो सकती है। इससे खाने के बाद ब्लड शुगर तेजी से बढ़ने की बजाय अपेक्षाकृत धीरे बढ़ सकता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि घी लगी रोटी डायबिटीज का इलाज है। डायबिटीज या ब्लड शुगर से जुड़ी समस्या वाले लोगों को रोटी की मात्रा, कुल कार्बोहाइड्रेट और अपनी पूरी डाइट का ध्यान रखना चाहिए। किसी भी बड़े बदलाव से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर है।
पाचन और पेट की सेहत के लिए उपयोगी
घी में मौजूद फैट भोजन को अधिक संतोषजनक बना सकता है, जिससे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को पर्याप्त मात्रा में फैट लेने से कब्ज की समस्या में भी राहत मिलती है, लेकिन यहां मात्रा सबसे महत्वपूर्ण है। ज्यादा घी खाने से फायदा होने के बजाय अतिरिक्त कैलोरी शरीर में जमा हो सकती है। इसलिए रोटी पर हल्की परत में घी लगाना बेहतर विकल्प है।
हड्डियों की सेहत के लिए पोषण
घी में फैट के अलावा कुछ फैट-सॉल्युबल विटामिन भी पाए जा सकते हैं। इनमें विटामिन ए और ई प्रमुख हैं, जबकि घी में विटामिन डी की मात्रा उसके स्रोत और प्रसंस्करण पर निर्भर कर सकती है। ये पोषक तत्व शरीर के अलग-अलग कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि मजबूत हड्डियों के लिए सिर्फ घी पर निर्भर रहना सही नहीं है। कैल्शियम, विटामिन डी, प्रोटीन और नियमित शारीरिक गतिविधि भी उतनी ही जरूरी हैं।
शरीर को ऊर्जा देने में मदद
घी ऊर्जा से भरपूर खाद्य पदार्थ है। इसमें मौजूद फैट शरीर को कैलोरी प्रदान करता है, इसलिए रोटी और सब्जी जैसे भोजन में थोड़ी मात्रा में घी शामिल करने से भोजन अधिक ऊर्जा देने वाला बन सकता है। खासकर ज्यादा शारीरिक मेहनत करने वाले लोगों के लिए पर्याप्त कैलोरी और संतुलित पोषण जरूरी होता है। हालांकि रोजाना की जरूरत व्यक्ति की उम्र, गतिविधि और स्वास्थ्य पर निर्भर करती है।
त्वचा के लिए भी हो सकता है फायदेमंद
घी में कुछ एंटीऑक्सीडेंट यौगिक और फैट-सॉल्युबल पोषक तत्व मौजूद होते हैं। संतुलित आहार का हिस्सा होने के कारण ये शरीर को जरूरी पोषण उपलब्ध कराने में योगदान दे सकते हैं, लेकिन केवल घी खाने से त्वचा में चमक आना तय नहीं है। त्वचा की सेहत के लिए पर्याप्त पानी, प्रोटीन, फल-सब्जियां, नींद और पूरी तरह संतुलित डाइट भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वजन कम करना चाहते हैं तो कितने घी की जरूरत?
घी को लेकर सबसे जरूरी बात इसकी मात्रा है। यह पौष्टिक जरूर है, लेकिन इसमें कैलोरी काफी अधिक होती है। इसलिए वजन नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे लोगों को इसे नापकर खाना चाहिए, एक सामान्य भोजन में रोटी पर लगभग आधा से एक छोटा चम्मच घी पर्याप्त हो सकता है, लेकिन सही मात्रा आपकी कुल कैलोरी जरूरत और डाइट पर निर्भर करेगी। अगर पूरे दिन पहले से ही फैट और कैलोरी ज्यादा मिल रही है, तो अतिरिक्त घी वजन बढ़ाने में योगदान दे सकता है।
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घी खाएं, लेकिन संतुलन के साथ
रोटी पर थोड़ा-सा घी लगाकर खाना भारतीय भोजन का स्वाद बढ़ाने के साथ डाइट में फैट और ऊर्जा जोड़ सकता है। हालांकि घी को किसी चमत्कारी हेल्थ फूड की तरह देखना सही नहीं होगा। इसके फायदे तभी बेहतर तरीके से मिल सकते हैं जब इसे संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन, सब्जियों, दालों और नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ लिया जाए।