Health Tips: उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। मेटाबॉलिज्म धीमा होने और शारीरिक गतिविधियां कम होने की वजह से बुजुर्गों को युवाओं की तुलना में कुछ कम कैलोरी की जरूरत हो सकती है। लेकिन अगर किसी बुजुर्ग व्यक्ति की भूख लगातार कम हो रही है या खाने में बिल्कुल मन नहीं लग रहा, तो इसे केवल उम्र का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लंबे समय तक कम खाना शरीर में पोषण की कमी और कमजोरी का कारण बन सकता है।

क्या बुजुर्गों को युवाओं से कम खाना चाहिए?

यह सही है कि बढ़ती उम्र के साथ कैलोरी की जरूरत कम हो सकती है, लेकिन शरीर को प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स और अन्य जरूरी पोषक तत्वों की जरूरत बनी रहती है। उम्र बढ़ने पर भूख कम होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे:

भूख में कमी या स्वाद में बदलाव

पोषक तत्वों का शरीर में सही तरीके से अवशोषण न होना

कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट

दांतों की समस्या या खाना चबाने में परेशानी

निगलने में कठिनाई

लंबे समय तक बीमारी या कमजोरी

लगातार कम खाने से क्या हो सकते हैं खतरे?

अगर बुजुर्ग लंबे समय तक जरूरत से कम खाना खाते हैं, तो शरीर ऊर्जा के लिए जमा फैट और मांसपेशियों का इस्तेमाल करने लगता है। इससे मसल लॉस और कमजोरी बढ़ सकती है। मांसपेशियों की ताकत कम होने पर गिरने और फ्रैक्चर का खतरा भी बढ़ सकता है।

पर्याप्त पोषण न मिलने से इम्युनिटी प्रभावित हो सकती है, जिससे संक्रमण का जोखिम बढ़ता है और घाव भरने में अधिक समय लग सकता है। लंबे समय तक पोषण की कमी से वजन कम होना, हड्डियों की मजबूती घटना और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता प्रभावित होना जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

भूख कम होने के कौन से संकेत दिख सकते हैं?

1. कपड़े पहले की तुलना में ढीले होने लगना
2. लगातार थकान या कमजोरी महसूस होना
3. ऊर्जा का स्तर कम रहना
4. बार-बार संक्रमण होना
5. रोजमर्रा के काम करने में परेशानी
6. खाने में रुचि या पसंद कम होना

भूख बढ़ाने के 5 आसान तरीके

1. कम मात्रा में, बार-बार खिलाएं

एक बार में बड़ी प्लेट देने के बजाय दिनभर में छोटे-छोटे भोजन दें। जरूरत के अनुसार 5-6 छोटे मील या स्नैक्स देना आसान हो सकता है।

2. कम मात्रा में ज्यादा पोषण दें

ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करें जो कम मात्रा में पर्याप्त ऊर्जा और प्रोटीन दे सकें। उदाहरण के लिए होल-ग्रेन ब्रेड के साथ पीनट बटर, दही, पनीर या अंडे जैसे विकल्प दिए जा सकते हैं।

3. पौष्टिक ड्रिंक आजमाएं

अगर चबाने या ठोस खाना खाने में परेशानी हो, तो डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार दूध, स्मूदी या अन्य पौष्टिक पेय विकल्प हो सकते हैं।

4. खाने का माहौल अच्छा रखें

खाने के समय टीवी और फोन से ध्यान हटाकर परिवार के किसी सदस्य या दोस्त के साथ भोजन करना रुचि बढ़ाने में मदद कर सकता है।

5. सप्लीमेंट केवल सलाह से दें

अगर भोजन से पोषण की जरूरत पूरी नहीं हो रही है, तो डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से उचित न्यूट्रिशन सप्लीमेंट दिया जा सकता है। बिना सलाह के सप्लीमेंट शुरू करने से बचें।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर भूख लंबे समय से कम है, वजन तेजी से घट रहा है, अत्यधिक कमजोरी है, निगलने में परेशानी हो रही है या बार-बार संक्रमण हो रहा है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। इसके पीछे किसी बीमारी, दवा के साइड इफेक्ट या पोषण संबंधी समस्या की भूमिका हो सकती है।

Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या, लगातार भूख कम होने या वजन घटने की स्थिति में डॉक्टर से सलाह जरूर लें।