पश्चिम बंगाल के सरकारी स्कूलों में कार्यरत हजारों प्राइमरी टीचर्स के लिए बड़ी खबर है। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने इन-सर्विस प्राइमरी शिक्षकों के लिए TET आयोजित करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है। विभाग ने संबंधित परीक्षा संस्थाओं को परीक्षा के आयोजन के लिए जरूरी तैयारियां शुरू करने को कहा है। इस प्रक्रिया के दायरे में करीब 90 हजार इन-सर्विस शिक्षक आ सकते हैं।
11 सितंबर को जारी हुआ आदेश
पश्चिम बंगाल स्कूल शिक्षा विभाग ने 11 सितंबर 2026 को संबंधित संस्थाओं को TET आयोजित करने की दिशा में आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां करने का निर्देश दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, West Bengal Central School Service Commission (WBSSC) और West Bengal Board of Primary Education (WBBPE) से परीक्षा आयोजन के लिए जरूरी जानकारी और व्यवस्थाएं तैयार करने को कहा गया है। हालांकि, अभी परीक्षा की तारीख, आवेदन प्रक्रिया और विस्तृत शेड्यूल जारी नहीं किया गया है।
किन शिक्षकों को देना होगा TET?
यह नियम खासतौर पर उन इन-सर्विस शिक्षकों से संबंधित है, जिनकी नियुक्ति RTE Act, 2009 लागू होने से पहले हुई थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, जिन शिक्षकों की सेवा में 5 साल से अधिक समय बाकी है, उन्हें TET पास करना होगा।
ऐसा नहीं करने पर वे सेवा में बने रहने के पात्र नहीं होंगे। वहीं, जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में 5 साल या उससे कम समय बचा है, उन्हें नौकरी जारी रखने के लिए TET से छूट दी गई है। हालांकि, प्रमोशन पाने के लिए TET की शर्त लागू रहेगी।
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31 अगस्त 2028 तक पास करना होगा TET
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक पात्र शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET पास करना होगा। यानी संबंधित शिक्षकों के पास परीक्षा पास करने के लिए निर्धारित समयसीमा मौजूद है। अब राज्य सरकार की ओर से परीक्षा आयोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
शिक्षक संगठनों में नाराजगी
सरकार के इस कदम के बाद शिक्षक संगठनों की ओर से विरोध भी सामने आया है। कुछ संगठनों का कहना है कि लंबे समय से स्कूलों में सेवा दे रहे शिक्षकों पर नौकरी के दौरान दोबारा पात्रता परीक्षा लागू करना उचित नहीं है। संगठनों ने पुराने नियुक्त शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से बाहर रखने की मांग की है।