IIT कानपुर अब इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के साथ मेडिकल एजुकेशन और हेल्थकेयर रिसर्च के क्षेत्र में भी विस्तार करने की तैयारी कर रहा है। संस्थान के गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के जरिए मेडिकल शिक्षा को आगे बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए कैंपस में अस्पताल, रिसर्च सेंटर और क्लीनिकल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
हालांकि, IIT कानपुर में मेडिकल शिक्षा की शुरुआत सीधे MBBS कोर्स से नहीं होगी। संस्थान की शुरुआती योजना पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन और सुपर-स्पेशलिटी प्रोग्राम शुरू करने की है। इसके बाद भविष्य में MBBS कोर्स शुरू करने पर विचार किया जाएगा।
पहले MD-MS और सुपर-स्पेशलिटी प्रोग्राम
गंगवाल स्कूल के डीन प्रोफेसर अनिल के. लालवानी के अनुसार, IIT कानपुर पहले MD और MS जैसे पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स शुरू करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके साथ DM और MCh जैसे सुपर-स्पेशलिटी प्रोग्राम भी योजना का हिस्सा हैं।
इसका उद्देश्य केवल डॉक्टर तैयार करना नहीं, बल्कि मेडिकल साइंस और इंजीनियरिंग को एक साथ जोड़कर रिसर्च को बढ़ावा देना भी है। संस्थान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मेडिकल टेक्नोलॉजी और आधुनिक हेल्थकेयर से जुड़े क्षेत्रों में भी काम करने की योजना है।
500 बेड का सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल
मेडिकल शिक्षा के लिए मजबूत क्लीनिकल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना इस योजना का अहम हिस्सा है। IIT कानपुर कैंपस में 500 बेड का यदुपति सिंघानिया सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल विकसित किया जा रहा है। योजना के मुताबिक अस्पताल को इस साल के अंत तक शुरू करने का लक्ष्य है और मार्च 2027 तक यहां पहला मरीज आने की उम्मीद है।
इसके अलावा 50 बेड का कैंसर केयर एंड रिसर्च सेंटर भी तैयार किया जा रहा है। इन संस्थानों का इस्तेमाल मरीजों के इलाज के साथ मेडिकल ट्रेनिंग और रिसर्च के लिए किया जा सकेगा।
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60 नए फैकल्टी सदस्यों की नियुक्ति
मेडिकल एजुकेशन की योजना को आगे बढ़ाने के लिए IIT कानपुर को शुरुआती स्तर पर 60 नए फैकल्टी सदस्यों की नियुक्ति की अनुमति मिली है। इनमें क्लिनिकल मेडिसिन और मेडिकल रिसर्च से जुड़े विशेषज्ञ शामिल किए जाने की योजना है।
नए फैकल्टी और क्लीनिकल सुविधाओं के जरिए संस्थान मेडिकल साइंस और इंजीनियरिंग के बीच सहयोग को मजबूत करना चाहता है। इससे मेडिकल डिवाइस, AI आधारित हेल्थकेयर, डायग्नोस्टिक्स और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में रिसर्च को बढ़ावा देने का अवसर मिल सकता है।
MBBS के लिए अभी करना होगा इंतजार
IIT कानपुर में मेडिकल शिक्षा शुरू होने की दिशा में काम जरूर चल रहा है, लेकिन छात्रों के लिए MBBS में एडमिशन फिलहाल शुरू नहीं होने वाला है। MBBS शुरू करने से पहले जरूरी नियामकीय मंजूरियों के साथ पर्याप्त फैकल्टी, अस्पताल और क्लीनिकल ट्रेनिंग की व्यवस्था तैयार करनी होगी।
संस्थान की मौजूदा योजना के अनुसार मेडिकल एजुकेशन का पहला चरण उच्च चिकित्सा शिक्षा और सुपर-स्पेशलिटी प्रोग्राम पर केंद्रित रहेगा। इसके बाद MBBS शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है। डीन के अनुसार इस प्रक्रिया में करीब 3 से 4 साल का समय लग सकता है।
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