टेक
Bluetooth ऑन रखना फायदेमंद है या नुकसानदायक? जानिए पूरी सच्चाई
आजकल हर कोई इंसान अपने फोन में Bluetooth ऑन कर ईयरफोन्स और स्मार्टवॉच कनेक्ट करके रखता है। चलिए जानते हैं कि इससे बैटरी पर क्या असर पड़ता है?
आज के समय में स्मार्टफोन का इस्तेमाल सिर्फ कॉलिंग या मैसेजिंग तक सीमित नहीं रह गया है। वायरलेस ईयरबड्स, स्मार्टवॉच, फिटनेस बैंड और कार के इंफोटेनमेंट सिस्टम जैसी कई डिवाइसेज Bluetooth के जरिए फोन से जुड़ी रहती हैं। यही वजह है कि अधिकांश लोग अपने स्मार्टफोन का Bluetooth पूरे दिन ऑन रखते हैं। कई बार काम खत्म होने के बाद भी इसे बंद करना भूल जाते हैं। ऐसे में यह सवाल उठना स्मार्टफोन्स की बात करें, तो उस समय Bluetooth तकनीक काफी ज्यादा बैटरी खर्च करती थी। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। आज स्वाभाविक है कि क्या लगातार Bluetooth ऑन रखने से फोन की बैटरी तेजी से खत्म होती है या नहीं।
Bluetooth Low Energy से बैटरी की खपत हुई बेहद कम
अगर पुराने स्मार्टफोन्स की बात करें, तो उस समय Bluetooth तकनीक काफी ज्यादा बैटरी खर्च करती थी। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। आज के अधिकांश आधुनिक स्मार्टफोन्स में Bluetooth Low Energy (BLE) तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। यह तकनीक बैटरी की खपत को काफी कम कर देती है। जब Bluetooth किसी डिवाइस से कनेक्ट नहीं होता, तब यह लो-पावर या स्लीप मोड में चला जाता है। इस दौरान यह केवल जरूरत पड़ने पर आसपास मौजूद डिवाइसेज को खोजने के लिए बेहद कम ऊर्जा का उपयोग करता है। इसलिए Bluetooth ऑन होने के बावजूद बैटरी पर इसका असर बहुत कम पड़ता है।
दिनभर Bluetooth ऑन रहने पर कितनी बैटरी होती है खर्च?
अगर Bluetooth पूरे दिन चालू रहे और किसी डिवाइस से कनेक्ट न हो, तो यह आमतौर पर फोन की कुल बैटरी का केवल 1 से 3 प्रतिशत तक ही इस्तेमाल करता है। वहीं, यदि यह लगातार वायरलेस ईयरबड्स, स्मार्टवॉच या किसी अन्य डिवाइस से जुड़ा रहता है, तो बैटरी की खपत थोड़ी बढ़ सकती है। इसके बावजूद Bluetooth की बिजली खपत स्क्रीन की ब्राइटनेस, मोबाइल डेटा, वाई-फाई या GPS जैसी सुविधाओं की तुलना में काफी कम होती है।
हर समय Bluetooth ऑन रखने के क्या हैं नुकसान?
हालांकि, बैटरी की दृष्टि से Bluetooth ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन इसे हर समय ऑन रखना पूरी तरह सुरक्षित भी नहीं माना जाता। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर हमेशा एक्टिव Bluetooth साइबर सुरक्षा के लिहाज से जोखिम बढ़ा सकता है। कुछ मामलों में हैकर्स Bluetooth के जरिए डिवाइस से कनेक्ट होने या डेटा तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं। इसके अलावा, फोन बार-बार आसपास मौजूद नए Bluetooth डिवाइसेज को खोजता रहता है, जिससे अनचाहे कनेक्शन अनुरोध या नोटिफिकेशन मिल सकते हैं।
कब Bluetooth ऑन रखें और कब बंद करना है बेहतर?
यदि आप Bluetooth का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो उसे बंद रखना बेहतर विकल्प हो सकता है। इससे न केवल संभावित सुरक्षा जोखिम कम होंगे, बल्कि बैटरी की थोड़ी-बहुत बचत भी होगी। वहीं, यदि आप नियमित रूप से वायरलेस एक्सेसरीज का उपयोग करते हैं, तो Bluetooth ऑन रहने से बैटरी पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
Super Admin
आपके दिए हुए प्रोफाइल को **राजीव सिंह** और **TNP News** के अनुसार ढालकर, NBT/Times of India से जुड़े संदर्भ हटाकर इस तरह किया जा सकता है: ## राजीव सिंह, TNP News में एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। राजीव सिंह TNP News में एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज और रिसर्च आधारित खबरों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और एंटरटेनमेंट समेत विभिन्न कैटेगरी की खबरों से जुड़े होते हैं। किसी भी विषय पर स्टोरी तैयार करते समय शरद दीक्षित रिसर्च, डीप डाइव, फैक्ट चेक, वैल्यू एड और विशेषज्ञों की राय को विशेष महत्व देते हैं। TNP News के लिए वे महत्वपूर्ण और चर्चित मुद्दों पर विश्लेषणात्मक एवं रियल टाइम स्टोरीज तैयार करते हैं। उनका फोकस किसी भी खबर को केवल प्रस्तुत करने के बजाय उसके पीछे की पूरी कहानी, तथ्यों और उसके संभावित प्रभाव को पाठकों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर रहता है। राजीव सिंह को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन की खबरों पर लगातार नजर रखने का अनुभव है। किसी भी खबर पर उनकी पहली प्राथमिकता तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी होती है। इसके बाद वे यह समझने पर जोर देते हैं कि उस खबर का समाज, राजनीति, अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। ### पत्रकारिता का अनुभव राजीव सिंह ने पत्रकारिता के क्षेत्र में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू, रिसर्च, डिजिटल कंटेंट और स्पेशल स्टोरीज जैसी विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। अपने पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने समाचारों के पारंपरिक माध्यमों के साथ-साथ डिजिटल पत्रकारिता की बदलती जरूरतों और नई तकनीकों को भी करीब से समझा है। उन्होंने राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर के महत्वपूर्ण मुद्दों को कवर करने के साथ-साथ राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव, सामाजिक विषयों, प्रशासनिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। TNP News में राजीव सिंह का प्रमुख फोकस रिसर्च आधारित पत्रकारिता, एक्सप्लेनर स्टोरी, डीप डाइव, स्पेशल स्टोरी और तथ्यपरक विश्लेषण पर है। उनका प्रयास रहता है कि जटिल और महत्वपूर्ण विषयों को आसान भाषा में इस तरह प्रस्तुत किया जाए कि पाठक खबर के साथ-साथ उसके कारण, प्रभाव और पूरे संदर्भ को भी समझ सके। ### पत्रकारिता का दृष्टिकोण राजीव सिंह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड पर उनकी लगातार नजर रहती है। वे खबर के तत्काल प्रभाव के साथ-साथ उसके दीर्घकालिक प्रभाव को भी समझने और पाठकों के सामने रखने पर जोर देते हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि पाठकों को **खबर के पीछे की कहानी, तथ्य और उसका असर** समझाना है। ### TNP News में भूमिका TNP News में राजीव सिंह एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज, डीप डाइव और रिसर्च आधारित कंटेंट के साथ काम कर रहे हैं। वे महत्वपूर्ण घटनाओं और ट्रेंडिंग मुद्दों पर रियल टाइम एक्सप्लेनर और विश्लेषणात्मक स्टोरी तैयार करने के साथ डिजिटल ऑडियंस की जरूरतों के अनुसार कंटेंट को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी बनाने पर ध्यान देते हैं। TNP News के माध्यम से उनका प्रयास ऐसी पत्रकारिता को आगे बढ़ाना है जिसमें **तथ्य, रिसर्च, निष्पक्ष विश्लेषण और जनसरोकार** को प्राथमिकता मिले।