Russia-Iran Friendship: रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को कहा कि मॉस्को, US-इज़राइल के साथ चल रहे इलाके के झगड़े को सुलझाने में ईरान की मदद करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाने को तैयार है। उन्होंने तुर्कमेनिस्तान में ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेज़ेशकियन से मुलाकात की और दोनों देशों के रिश्तों और इलाके के डेवलपमेंट पर बात की।
गौरतलब है कि इस बयान के बाद अमेरिका में खलबली मच गई है, क्योंकि अमेरिका को भी पता है कि अगर रूस-ईरान के साथ आता है तो उसको दिक्कतों का सामना कर सकता है। मालूम हो कि अमेरिका और रूस दोनों ही परमाणु संपन्न देश है अगर यूएस की तरफ से कुछ ऐसी गतिविधि होती है तो रूस भी परमाणु हमला कर सकता है, ऐसा इसलिए क्योंकि पुतिन अपनी पूरी ताकत लगाने के लिए तैयार है।
ईरान को मिला रूस का साथ
व्लादिमीर पुतिन और ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेज़ेशकियन के बीच तुर्कमेनिस्तान में दोनों देशों के रिश्तों और इलाके के डेवलपमेंट पर बात की। रूसी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मीटिंग में अपनी शुरुआती बात में पुतिन ने कहा, "बेशक, आज सबसे ज़रूरी मुद्दा इस इलाके के हालात हैं। हम जानते हैं कि ईरान इस इलाके में बिना किसी गलती के शुरू हुए झगड़े को खत्म करने की पक्की कोशिश कर रहा है।
ईरान ने एक बार फिर हालात को शांति से सुलझाने के लिए नए प्रस्ताव रखे हैं। अपनी क्षमता के अनुसार सब कुछ करने को तैयार पुतिन ने US के साथ संघर्ष के बीच ईरान को रूस के समर्थन का वादा किया अपनी क्षमता के अनुसार सब कुछ करने को तैयार।"
अमेरिका में क्यों मची खलबली
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले को लेकर साफ कहा है कि वह 3 नवंबर के बाद ईरान पर हमला कर सकते है। वहीं अब रूस और ईरान के राष्ट्रपति के बीच मुलाकात हुई है। मुलाकात के बाद पुतिन ने साफ कहा है कि हर ईरान की हर मदद करने के लिए तैयार है।
जिसके बाद सवाल उठना शुरू हो गया है कि क्या अमेरिका -ईरान युद्ध में रूस तैयारी लेने जा रहा है और अगर ऐसा होता है तो ट्रंप की टेंशन बढ़ना लाजमी है। माना जा रहा है कि रूस के अलावा चीन भी ईरान की सपोर्ट में है। यही कारण है ईरान अमेरिका के आगे बिल्कुल भी झुकने के तैयार नहीं है।