Riyadh International Airport: सऊदी अरब की तीर्थयात्रा एक परिवार के लिए उस समय मातम की वजह बन गई जब मेहदीपटनम के ग्रेस अपार्टमेंट्स के निवासी 46 वर्षीय मोहम्मद यूसुफ अली की रियाद हवाई अड्डे पर हमले में मौत हो गई। इस हमले में उनके परिवार के कई लोग घायल भी हो गए। AIMIM प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक परिवार उमराह करने के लिए मदीना जा रहा था।

घटना के समय हवाई अड्डे के टर्मिनल पर इंतजार कर रहा था। यूसुफ अली की उनकी पत्नी समीरा और बेटी मरियम सुरक्षित बताई जा रही हैं। उनके दोनों बेटों को चोटें आई हैं, जिनमें से एक की सर्जरी हुई है। फिलहाल उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है। उनकी चाची अतिया सुल्ताना को भी सिर में चोटें आई हैं, लेकिन उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

ओवैसी ने एक्स पर किया पोस्ट

ओवैसी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट जारी कर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि घटना में घायल परिवार के सदस्यों की स्थिति जानने के लिए पीड़ित के बहनोई, इकराम से बात की थी। हैदराबाद के सांसद ने पीड़ित परिवार के लिए सहायता मांगने हेतु रियाद स्थित भारतीय दूतावास के उप मिशन प्रमुख से भी संपर्क किया।

उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वरिष्ठ राजनयिक विक्रम मिसरी से हस्तक्षेप करने और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने का आग्रह किया। घायल अन्य लोगों की मदद के लिए भारतीय राजनयिक अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। इसमें चिकित्सा देखभाल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं को लेकर भी चर्चा की गई है।

सऊदी के हवाई क्षेत्र को किया असुरक्षित घोषित

इस घटना से परिवार में शोक की लहर दौड़ रही है। यमन के हाउथी बलों ने रविवार को सऊदी अरब के हवाई अड्डों और ऊर्जा अवसंरचनाओं पर 24 घंटे की अवधि में बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन से 4 हमले करने की जिम्मेदारी ली और मक्का और मदीना के पवित्र शहरों को छोड़कर सऊदी हवाई क्षेत्र को असुरक्षित घोषित कर दिया।

हूती समूह ने हमले की ली जिम्मेदारी

किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्री विमान में जोरदार धमाका हो गया। यात्री जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते दिखाई दिए। सऊदी अधिकारियों की दी गई जानकारी के मुताबिक इस हमले में 13 की मौत और 300 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए। यह हाल के वर्षों में सऊदी अरब पर सबसे घातक हमलों में से एक है। हूती समूह ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है।

हमले के बाद एयरपोर्ट का संचालन प्रभावित हुआ और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। यह फरवरी में मिडिल ईस्ट कॉन्फ्लिक्ट शुरू होने के बाद किसी खाड़ी देश पर सबसे घातक हमलों में से एक माना जा रहा है। यह इसी हफ़्ते एयरपोर्ट पर तीसरा हमला है, और हवाई अड्डे का संचालन रोकना पड़ा। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की रियाद को वैश्विक बिज़नेस हब बनाने की योजना के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है।

कब खत्म होगा युद्ध?

लगातार हमलों में लोग मारे जा रहे हैं। ऐसे में अब वैश्विक स्तर पर इसे लेकर गंभीर विचार विमर्श करना होगा। बीते हमलों पर अगर नजर डाली जाए तो मृतकों में केवल युवक की नहीं बल्कि बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल हैं। हमलावर लगातार हमले किए जा रहा है। लेकिन इन हमलों को रोकने के लिए किसी तरह की वैश्विक रणनीति तैयार नहीं की जा रही है। ऐसे में सभी के जहन में केवल एक ही सवाल है कि आखिर यह युद्ध और हमले कब रूकेंगे?

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