Birthday Special: 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में जन्में नरेंद्र मोदी आज अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। एक छोटे से शहर में साधारण परिवार से निकलकर गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री बनने तक का उनका सफर कई अहम पड़ावों से होकर गुजरा है। 7 अक्टूबर 2001 को उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली और करीब 13 साल तक राज्य की सरकार में रहे। इसके बाद 2014 में उन्होंने पहली बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। 2019 में दूसरी और 2024 में तीसरी बार वे भारत के प्रधानमंत्री बने।

आज उनके जन्मदिन पर जानते हैं नरेंद्र मोदी की जिंदगी और राजनीति से जुड़े उन पड़ावों को, जिन्होंने वडनगर से दिल्ली तक उनकी यात्रा को आकार दिया।

17 सितंबर 1950 को जन्म और वडनगर का बचपन

PM मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। प्रधानमंत्री की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, उनका बचपन एक साधारण परिवार में बीता। उनके पिता दामोदरदास मोदी और मां हीराबा मोदी थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी और बचपन से ही उन्हें परिवार के काम में हाथ बंटाना पड़ता था। उनके शुरुआती जीवन की चर्चा में वडनगर का रेलवे स्टेशन और परिवार की चाय की दुकान अक्सर सामने आती है और यही वडनगर आगे चलकर नरेंद्र मोदी की राजनीतिक पहचान का भी अहम हिस्सा माना जाता है।

आधिकारिक स्रोत: निजी जीवन की कहानी

परिवार और शुरुआती जीवन

नरेंद्र मोदी का शुरुआती जीवन किसी राजनीतिक परिवार में नहीं बीता। प्रधानमंत्री की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, वह एक सामान्य परिवार में पले-बढ़े। बचपन में पढ़ाई के साथ परिवार की जिम्मेदारियों में सहयोग करना उनके जीवन का हिस्सा रहा। उनकी आधिकारिक जीवनी में बताया गया है कि बचपन से ही उन्हें पढ़ने और नई चीजों को जानने में रुचि थी। बाद के वर्षों में यही रुचियां उनके व्यक्तित्व और सार्वजनिक जीवन का हिस्सा बनीं। उनके जीवन से जुड़ी कई घटनाएं बाद में उनकी राजनीतिक कहानी का हिस्सा बनीं। हालांकि उनके शुरुआती जीवन के बारे में अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग दावे भी मिलते हैं, इसलिए किसी भी जानकारी को प्रकाशित करते समय आधिकारिक स्रोत को प्राथमिकता देना जरूरी है।

RSS से जुड़ाव और राजनीतिक सफर की शुरुआत

नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर की शुरुआत सीधे चुनावी राजनीति से नहीं हुई थी। कम उम्र में ही उनका जुड़ाव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS से हुआ। इसके बाद संगठन में काम करते हुए उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं। आगे चलकर उनका जुड़ाव भारतीय जनता पार्टी के संगठन से हुआ। यहां उन्होंने संगठन विस्तार, चुनावी रणनीति और कार्यकर्ताओं के साथ काम करने जैसी जिम्मेदारियां संभालीं। यही संगठनात्मक अनुभव आगे उनके राजनीतिक करियर की नींव बना। भाजपा में उनका कद धीरे-धीरे बढ़ा और वह गुजरात की राजनीति में पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए।

गुजरात की राजनीति में एंट्री

नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन का बड़ा मोड़ 7 अक्टूबर 2001 को आया, जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। उस समय गुजरात कई चुनौतियों से गुजर रहा था। जनवरी 2001 में राज्य में आए भूकंप का असर भी व्यापक था। मुख्यमंत्री के तौर पर मोदी के सामने प्रशासन, पुनर्निर्माण और राज्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने राज्य में प्रशासन और विकास से जुड़े मुद्दों पर जोर दिया। अगले वर्षों में गुजरात में उद्योग, निवेश, बुनियादी ढांचे, बिजली और कृषि जैसे विषय उनके शासन की राजनीति के केंद्र में रहे। 7 अक्टूबर 2026 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के 25 साल पूरे हो रहे हैं, इसलिए 2026 में उनके जन्मदिन से जुड़े आयोजनों में इस पड़ाव का भी खास उल्लेख किया जा रहा है।

गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लंबा कार्यकाल

नरेंद्र मोदी ने करीब 13 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में काम किया। 2001 से 2014 तक वह राज्य सरकार के प्रमुख रहे। प्रधानमंत्री की आधिकारिक वेबसाइट उनके गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 13 साल के कार्यकाल का उल्लेख करती है। इस दौरान गुजरात में उद्योग, निवेश, सड़क, बिजली, कृषि और प्रशासन जैसे मुद्दे उनकी सरकार के प्रमुख क्षेत्रों में रहे। गुजरात मॉडल को लेकर उस समय देश की राजनीति में काफी चर्चा हुई।
हालांकि उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल का आकलन एकतरफा नहीं रहा। समर्थकों ने विकास और प्रशासन को लेकर उनकी सरकार के कामों को प्रमुखता दी, जबकि विपक्ष और आलोचकों ने कई नीतियों और घटनाओं को लेकर सवाल उठाए। इसलिए गुजरात के उनके कार्यकाल को समझने के लिए उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड और विभिन्न राजनीतिक पक्षों को अलग-अलग देखना जरूरी है। 2013 में भाजपा ने नरेंद्र मोदी को 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया। इसके बाद उनका राजनीतिक केंद्र गुजरात से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति की ओर बढ़ गया।

2014 में पहली बार बने प्रधानमंत्री

2014 का लोकसभा चुनाव नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर का सबसे बड़ा मोड़ बना। चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी को सरकार बनाने का आमंत्रण मिला और 26 मई 2014 को उन्होंने पहली बार भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक रिकॉर्ड में उनके प्रधानमंत्री नियुक्त किए जाने और शपथ ग्रहण की पुष्टि होती है। पहले कार्यकाल में सरकार ने कई बड़े अभियान शुरू किए। इनमें स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री जन धन योजना, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना प्रमुख रहे। स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत 2 अक्टूबर 2014 को राष्ट्रीय अभियान के तौर पर हुई थी। इसका लक्ष्य स्वच्छता और खुले में शौच की समस्या से निपटना था। वहीं प्रधानमंत्री जन धन योजना का उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना था।

आधिकारिक स्रोत: राष्ट्रपति ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री नियुक्त किया, शपथ ग्रहण समारोह 26 मई को होगा।

2019 में दूसरी बार प्रधानमंत्री बनना

2019 के लोकसभा चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद संभाला। इस कार्यकाल में सरकार के कई फैसले देश की राजनीति और सार्वजनिक बहस के केंद्र में रहे। इस दौरान अनुच्छेद 370 से संबंधित संवैधानिक बदलाव, नागरिकता संशोधन कानून, तीन तलाक से संबंधित कानून और नई शिक्षा नीति जैसे फैसले हुए। इसी कार्यकाल के दौरान दुनिया ने कोविड-19 महामारी का सामना किया। भारत में 2020 में देशव्यापी लॉकडाउन लगाया गया और बाद में बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया गया। कोरोना काल में सरकार के फैसलों को लेकर जहां कई लोगों ने स्वास्थ्य और आर्थिक संकट से निपटने के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया, वहीं लॉकडाउन के प्रभाव और कई नीतिगत फैसलों को लेकर आलोचना भी हुई।

2024 में तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ

2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA ने सरकार बनाने का दावा पेश किया। राष्ट्रपति भवन के अनुसार, नरेंद्र मोदी को गठबंधन का नेता चुने जाने के बाद उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया गया। 9 जून 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई।
इस तीसरे कार्यकाल में सरकार की प्राथमिकताओं में विकसित भारत 2047, बुनियादी ढांचा, विनिर्माण, तकनीक, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा, रोजगार और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे विषय शामिल रहे हैं।

आधिकारिक स्रोत: राष्ट्रपति भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

प्रमुख योजनाएं और बड़े फैसले

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद केंद्र सरकार ने कई योजनाएं शुरू कीं या उनका विस्तार किया। इनमें जन धन योजना, स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रमुख हैं।

  • जन धन योजना

इस योजना का उद्देश्य लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना था। सरकार ने इसे वित्तीय समावेशन के बड़े अभियान के तौर पर आगे बढ़ाया।

  • स्वच्छ भारत मिशन

2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुए इस अभियान ने स्वच्छता और शौचालय निर्माण को राष्ट्रीय अभियान का रूप दिया।

  • उज्ज्वला योजना

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के जरिए गरीब परिवारों की महिलाओं तक एलपीजी कनेक्शन पहुंचाने पर जोर दिया गया।

  • आयुष्मान भारत

आयुष्मान भारत को गरीब और कमजोर वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने वाली प्रमुख योजनाओं में शामिल किया गया है। सरकार ने इसके जरिए स्वास्थ्य कवरेज को व्यापक बनाने पर जोर दिया। इन योजनाओं के असर, क्रियान्वयन और उपलब्धियों को लेकर सरकारी आंकड़ों के साथ-साथ विपक्ष और स्वतंत्र विश्लेषकों की अलग-अलग राय भी सामने आती रही है।

विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की भूमिका

प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में विदेश नीति भी लगातार चर्चा में रही है। अमेरिका, रूस, यूरोप, पश्चिम एशिया, जापान और अन्य देशों के साथ भारत के संबंधों को लेकर लगातार उच्चस्तरीय बैठकें और समझौते हुए हैं। 2023 में भारत ने G20 की अध्यक्षता की और नई दिल्ली में G20 शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ। भारत ने क्वाड, ब्रिक्स और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर भी सक्रिय भागीदारी जारी रखी। योग को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना भी नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक और अंतरराष्ट्रीय पहलों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय रहा है। भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, प्रस्ताव को रिकॉर्ड 175 सदस्य देशों का समर्थन मिला था।

आधिकारिक स्रोत: 2026 की थीम: स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग

योग, लेखन और सोशल मीडिया से जुड़ी सार्वजनिक छवि

नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक पहचान केवल राजनीति तक सीमित नहीं रही है। योग, लेखन और सोशल मीडिया भी उनके सार्वजनिक संवाद का हिस्सा रहे हैं।
प्रधानमंत्री की आधिकारिक प्रोफाइल में उनके लेखन और कविता में रुचि का उल्लेख मिलता है। वह योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बताते रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए भी वह जनता से सीधे संवाद करते हैं। एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे डिजिटल मंचों पर उनके आधिकारिक अकाउंट सक्रिय हैं।
इसके अलावा ‘मन की बात’ के जरिए भी वह रेडियो पर देश के लोगों से संवाद करते रहे हैं। इस कार्यक्रम में सामाजिक मुद्दों, उपलब्धियों, युवाओं, स्वच्छता, पर्यावरण और अन्य विषयों पर बातचीत होती रही है।

76वें जन्मदिन पर आज क्या हो रहा है?

17 सितंबर 2026 को नरेंद्र मोदी 76 साल के हो गए हैं। उनके जन्मदिन के मौके पर भाजपा की ओर से देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू किया गया है। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है और इसमें सेवा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, जनसंपर्क और विभिन्न सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। इस मौके पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम भी रखा गया है। भाजपा ने लोगों से 17 सितंबर को अपने घरों में दीया जलाने की अपील की है। देश के कई स्थानों पर सामूहिक रूप से भी दीप जलाने के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
गुजरात में भी जन्मदिन को लेकर कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें पौधारोपण, दीप प्रज्ज्वलन, सेवा गतिविधियां और अन्य कार्यक्रम शामिल हैं। वडनगर से वाराणसी और वाराणसी से वडनगर तक ‘सेवा संकल्प बाइक यात्रा’ भी निकाली गई है।

इस साल जन्मदिन के आयोजनों में 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के 25 साल पूरे होने का पड़ाव भी जोड़ा गया है। भाजपा के महीने भर चलने वाले अभियान में इसी राजनीतिक सफर को भी प्रमुखता दी जा रही है।

वडनगर से दिल्ली तक नरेंद्र मोदी का सफर—एक नजर में

17 सितंबर 1950  गुजरात के वडनगर में जन्म।
शुरुआती जीवन  पढ़ाई के साथ परिवार की चाय की दुकान पर मदद और संगठन से जुड़ाव।
संगठन का दौर  RSS और बाद में भाजपा संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां।
7 अक्टूबर 2001 गुजरात के मुख्यमंत्री बने।
2001-2014 करीब 13 साल गुजरात के मुख्यमंत्री रहे।
26 मई 2014   पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ।
2019  दूसरी बार प्रधानमंत्री बने।
9 जून 2024 लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ।

17 सितंबर 2026 

76वां जन्मदिन

वडनगर के एक छोटे शहर से शुरू हुई नरेंद्र मोदी की यात्रा संगठन के काम से होते हुए गुजरात की सत्ता और फिर देश की राजनीति के शीर्ष तक पहुंची। 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद 2014 में उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में सबसे बड़ा कदम रखा और प्रधानमंत्री बने। इसके बाद 2019 और 2024 में उन्होंने लगातार दूसरे और तीसरे कार्यकाल की शपथ ली। उनके राजनीतिक सफर में संगठन की राजनीति, गुजरात का लंबा मुख्यमंत्री कार्यकाल, केंद्र की कई प्रमुख योजनाएं, बड़े नीतिगत फैसले और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की सक्रिय भूमिका जैसे अलग-अलग अध्याय शामिल हैं। यही वजह है कि नरेंद्र मोदी के जीवन और राजनीतिक सफर को समझने के लिए उनके शुरुआती जीवन से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में अब तक के सफर को एक साथ देखना जरूरी है।

सवालों में समझिए नरेंद्र मोदी का सफर

सवाल: नरेंद्र मोदी का जन्म कब और कहां हुआ था?
जवाब: नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था।

सवाल: नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री कब बने थे?
जवाब: उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी।

सवाल: पहली बार प्रधानमंत्री कब बने?
जवाब: 26 मई 2014 को उन्होंने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी।

सवाल: नरेंद्र मोदी कितनी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं?
जवाब: 2024 में तीसरी बार शपथ लेने के बाद वह लगातार तीसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री हैं।

सवाल: 2026 में नरेंद्र मोदी कितने साल के हुए?
जवाब: 17 सितंबर 2026 को नरेंद्र मोदी 76 साल के हो गए हैं।
यह भी पढ़ें: PM Modi Birthday: 76 साल के हुए पीएम मोदी, देशभर में होंगे सेवा कार्यक्रम, जानें आज कहां-कहां क्या होगा