फैसलाबाद: पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा, भेदभाव और उत्पीड़न के आरोपों को लेकर Human Rights Focus Pakistan (HRFP) ने चिंता जताई है। संगठन ने ईसाई समुदाय से जुड़े चार मामलों में निष्पक्ष जांच और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की है।
HRFP ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि उसकी फैक्ट-फाइंडिंग टीम ने कई शहरों का दौरा कर पीड़ितों, उनके परिवारों, पुलिस अधिकारियों, गवाहों और अन्य संबंधित लोगों से बातचीत की। संगठन का दावा है कि जांच में हिंसा, हत्या, उत्पीड़न, जबरन धर्म परिवर्तन, जबरन शादी और धार्मिक कानूनों के कथित दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं।
HRFP ने निष्पक्ष जांच की मांग की
HRFP के अध्यक्ष नदीम वाल्टर ने कहा कि धार्मिक उत्पीड़न से जुड़े हालिया मामले अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने कहा कि न्याय किसी व्यक्ति के धर्म, सामाजिक स्थिति या पेशे के आधार पर तय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित को सुरक्षा और हर आरोप की कानूनी जांच मिलनी चाहिए।
इखलाक मसीह पर हमले का मामला
HRFP के अनुसार, शेखूपुरा जिले के अजनियावाला तहसील निवासी ईसाई समुदाय के रसोइया इखलाक मसीह पर 16 अगस्त को हमला किया गया।
संगठन का कहना है कि इखलाक ने कथित तौर पर एक ईसाई महिला रोबिना मसीह के साथ हो रही बदसलूकी को रोकने की कोशिश की थी, जिसके बाद कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की।
HRFP ने दावा किया कि मामले में FIR दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है और उसने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अरशद मसीह के साथ कथित पुलिस उत्पीड़न का आरोप
HRFP ने शेखूपुरा जिले के ईसाई सफाईकर्मी अरशद मसीह के मामले का भी जिक्र किया। संगठन के मुताबिक, अरशद और अन्य सफाई कर्मचारियों ने वेतन भुगतान में देरी और सुरक्षा उपकरणों की कमी को लेकर विरोध किया था।
आरोप है कि पुलिस हिरासत के दौरान अरशद के साथ मारपीट हुई, जिससे उनका हाथ टूट गया। HRFP ने सफाई कर्मचारियों के साथ कथित भेदभाव और असुरक्षित कामकाजी परिस्थितियों पर कार्रवाई की मांग की है।
इस्लामाबाद में शाहजेब मसीह की हत्या
HRFP ने इस्लामाबाद में ईसाई हेयरड्रेसर शाहजेब मसीह की हत्या का मामला भी उठाया। संगठन के अनुसार, 4 अगस्त को शाहजेब को उनके सैलून के बाहर गोली मारी गई, जिसके बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
उनकी पत्नी और मां की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। HRFP ने जांच को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग की है।
सैमुअल आरिफ मामले में भी उठाए सवाल
HRFP ने सैमुअल आरिफ से जुड़े मामले का भी जिक्र किया, जिसमें धार्मिक भावनाओं से जुड़े आरोप लगाए गए थे। संगठन ने कहा कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष और सबूत आधारित जांच होनी चाहिए और किसी भी व्यक्ति या समुदाय के खिलाफ हिंसा, धमकी या भीड़ के न्याय को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए सरकार से अपील
HRFP ने पाकिस्तान सरकार, प्रांतीय प्रशासन और पुलिस विभागों से धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
संगठन ने मांग की कि-
- सभी मामलों में निष्पक्ष जांच हो
- दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए
- पीड़ितों और गवाहों की सुरक्षा की जाए
- जबरन धर्म परिवर्तन और जबरन विवाह पर रोक लगाई जाए
- धार्मिक कानूनों के दुरुपयोग को रोका जाए
HRFP ने कहा कि राज्य की जिम्मेदारी है कि वह हर नागरिक की सुरक्षा, समानता और मौलिक अधिकारों की रक्षा करे।
यह भी पढ़ें: नेपाल में पहली ‘Gen-Z शहीद दिवस’ की याद, युवाओं के बलिदान और जवाबदेही की उठी मांग