Hapur News: दिल्ली-एनसीआर से बेहतर कनेक्टिविटी और तेजी से बढ़ती आबादी के बीच हापुड़ के शहरी विस्तार की तैयारी तेज हो गई है। आवास विकास परिषद शहर के बाहरी हिस्से में करीब 100 एकड़ जमीन पर नई आवासीय कॉलोनी विकसित करने की योजना बना रहा है। इसके लिए नगर पालिका सीमा से सटे और आसपास के करीब 22 गांवों में जमीन जुटाने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

हापुड़ के एनसीआर का हिस्सा बनने और दिल्ली से कनेक्टिविटी बेहतर होने के बाद शहर में आवासीय गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। बड़ी संख्या में लोग हापुड़ में घर और प्रॉपर्टी खरीदने की ओर रुख कर रहे हैं। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए आवास विकास परिषद नई कॉलोनी बसाने की तैयारी कर रहा है।

100 एकड़ में विकसित होगी नई टाउनशिप
प्रस्तावित योजना के तहत करीब 100 एकड़ क्षेत्रफल में कॉलोनी विकसित की जाएगी। इसके लिए नगर पालिका सीमा के आसपास के गांवों को चिह्नित किया गया है। जमीन उपलब्ध होने के बाद योजना का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा। नई कॉलोनी में सिर्फ मकान ही नहीं होंगे, बल्कि व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी जगह निर्धारित की जाएगी। यानी भविष्य में यहां लोगों को आवास के साथ बाजार और अन्य जरूरी सुविधाएं भी एक ही क्षेत्र में उपलब्ध कराने की योजना है।

22 गांवों की जमीन पर नजर
प्रस्तावित आवासीय योजना के लिए जिन गांवों की जमीन जुटाने की बात सामने आई है, उनमें सादिकपुर, गिरधरपुर, तुमरैल, हाफिजपुर, अकड़ौली, नवादा, फाजिलपुर, भोवापुर, तिसौली, हावल, मदापुर, मुबारिकपुर, बदरखा, आजमपुर, अहमदपुर और कमालपुर समेत करीब 22 गांव शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, जमीन अधिग्रहण या खरीद की अंतिम प्रक्रिया और प्रभावित भूमि का दायरा आधिकारिक स्तर पर तय होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

किसानों को मिल सकता है बड़ा फायदा
नई कॉलोनी के लिए जमीन की खरीद या अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो संबंधित गांवों के किसानों को उनकी जमीन के बदले मिलने वाली राशि से आर्थिक लाभ मिल सकता है। वहीं, प्रस्तावित योजना के आसपास जमीन और प्रॉपर्टी की मांग बढ़ने से भविष्य में क्षेत्र का विकास भी तेज होने की संभावना है। हापुड़ आवास विकास अधिकारी के मुताबिक शहर में आबादी और निर्माण क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में शहर की सीमा के आसपास व्यवस्थित आवासीय योजनाओं की जरूरत महसूस हो रही है। नई योजना आगे बढ़ती है तो हापुड़ के विस्तार को नई दिशा मिलने के साथ लोगों को नए आवासीय विकल्प भी मिलेंगे।