New Hathras City: उत्तर प्रदेश में शहरों के तेजी से विस्तार के बीच अब हाथरस की तस्वीर बदलने की तैयारी है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के मास्टर प्लान-2041 के तहत हाथरस में करीब 10 हजार एकड़ यानी लगभग 4 हजार हेक्टेयर में एक नया औद्योगिक और आवासीय शहर विकसित करने की योजना है। इसे हाथरस अर्बन सेंटर या न्यू हाथरस सिटी के नाम से विकसित किया जा सकता है।

प्रस्तावित शहर की सबसे बड़ी खासियत इसकी लोकेशन होगी। यह आगरा, अलीगढ़ और मथुरा जैसे प्रमुख शहरों के बीच स्थित होगा और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर से भी कनेक्टिविटी मिलेगी। ऐसे में आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र रोजगार, उद्योग, आवास और कारोबार का नया केंद्र बन सकता है।

10 हजार एकड़ में तैयार होगा न्यू हाथरस
यीडा ने हाथरस अर्बन सेंटर के लिए करीब 10 हजार एकड़ जमीन का क्षेत्र प्रस्तावित किया है। इसके लिए शुरुआती स्तर पर कई स्थानों की पहचान की गई है और कंसल्टेंट एजेंसी की ओर से रिपोर्ट भी यमुना अथॉरिटी को सौंपी गई है। अंतिम स्थान तय होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और इसके आधार पर न्यू हाथरस का मास्टर प्लान विकसित किया जाएगा।

हाथरस के सैकड़ों गांवों पर पड़ेगा असर
हाथरस जिले के करीब 358 गांव यमुना अथॉरिटी के अधिसूचित क्षेत्र में शामिल हैं। प्रस्तावित क्षेत्र यमुना एक्सप्रेसवे से लगभग 45 किलोमीटर के दायरे में फैला है। सादाबाद तहसील के यमुना एक्सप्रेसवे के नजदीक स्थित करीब 127 गांव इस बड़े विकास क्षेत्र से जुड़े हैं। वहीं हाथरस सदर तहसील के करीब 180 से 215 गांव अलीगढ़-आगरा हाईवे (NH-93) के आसपास इसके दायरे में आ सकते हैं। सासनी क्षेत्र में भी कई गांवों में आवासीय, औद्योगिक और अन्य विकास गतिविधियों की संभावनाएं बताई गई हैं।

चार हिस्सों में विकसित होगा न्यू हाथरस

1. इंडस्ट्रियल जोन
यहां मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, MSME और एक्सपोर्ट आधारित उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं।

2. रेजिडेंशियल जोन
औद्योगिक कर्मचारियों और आम लोगों के लिए हाउसिंग सेक्टर, ऊंची इमारतें और किफायती आवास विकसित किए जाएंगे।

3. लॉजिस्टिक्स हब
वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क, होटल, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, मॉल और रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

4. ग्रीन जोन
पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए कुल क्षेत्रफल का 15 फीसदी से ज्यादा हिस्सा पार्क, हरियाली और ओपन स्पेस के लिए रखा जा सकता है।

हींग और गुलाल उद्योग को मिलेगा बड़ा बाजार
हाथरस की पहचान उसके हींग और गुलाल उद्योग से भी है। नए अर्बन सेंटर से इन स्थानीय उद्योगों को आधुनिक पैकेजिंग, लैब टेस्टिंग और एक्सपोर्ट कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, कांच के मोती, पीतल के आभूषण, मशीन टूल्स और इलेक्ट्रिक वाहन कलपुर्जों से जुड़े उद्योगों को भी फायदा हो सकता है। मेडिकल और पावर ग्रिड मशीनरी से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों के लिए भी यहां संभावनाएं बन सकती हैं।

मथुरा-वृंदावन से भी बेहतर कनेक्टिविटी
न्यू हाथरस की लोकेशन इसे खास बनाती है। प्रस्तावित अर्बन सेंटर से प्रमुख शहरों की दूरी लगभग इस तरह बताई गई है.

शहर/क्षेत्र अनुमानित दूरी
अलीगढ़ 30–35 किमी
मथुरा 40–45 किमी
वृंदावन 45–50 किमी
आगरा 50–60 किमी
राया अर्बन सेंटर 25–30 किमी
गोवर्धन/बरसाना 65–70 किमी
ग्रेटर नोएडा 100–125 किमी

मथुरा-वृंदावन, गोवर्धन और बरसाना जैसे धार्मिक पर्यटन केंद्रों की नजदीकी से न्यू हाथरस में धार्मिक और हेरिटेज टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

जेवर एयरपोर्ट से जुड़ेगा न्यू हाथरस
प्रस्तावित हाथरस अर्बन सेंटर की एक बड़ी ताकत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर से इसकी कनेक्टिविटी होगी। क्षेत्र को यमुना एक्सप्रेसवे के साथ-साथ NH-93 (आगरा-अलीगढ़), बरेली-मथुरा हाईवे और हाथरस रेलवे जंक्शन से जोड़ने की योजना है। बेहतर सड़क और रेल नेटवर्क के साथ एयरपोर्ट कनेक्टिविटी मिलने पर यह क्षेत्र उद्योग और लॉजिस्टिक्स के लिए आकर्षक बन सकता है।

आगरा का सैटेलाइट टाउन बन सकता है
न्यू हाथरस को भविष्य में आगरा के सैटेलाइट टाउन के तौर पर भी विकसित करने की संभावनाएं देखी जा रही हैं। इससे आगरा में बढ़ती आबादी और औद्योगिक गतिविधियों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। आगरा-अलीगढ़-मथुरा बेल्ट में स्थित होने के कारण न्यू हाथरस आने वाले वर्षों में आवासीय, औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों का नया केंद्र बन सकता है।

यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे 3 बड़े अर्बन सेंटर
यीडा के मास्टर प्लान-2041 के फेज-2 में यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास कई बड़े शहरी केंद्र विकसित करने की योजना है। इनमें हाथरस के अलावा टप्पल-बाजना, राया और आगरा क्षेत्र के अर्बन सेंटर प्रमुख हैं।

टप्पल-बाजना अर्बन सेंटर
अलीगढ़ में करीब 11,104 हेक्टेयर में टप्पल-बाजना अर्बन सेंटर विकसित करने की योजना है। जेवर एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण यहां लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, ट्रांसपोर्ट हब और मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किए जाने की योजना है।

राया अर्बन सेंटर
मथुरा में करीब 11,653 हेक्टेयर में राया अर्बन सेंटर विकसित करने की योजना है। इसे धार्मिक पर्यटन और हेरिटेज टाउनशिप के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। यमुना रिवरफ्रंट, थीम पार्क और वेलनेस सेंटर जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं।

आगरा अर्बन सेंटर यानी न्यू आगरा
आगरा में करीब 14 हजार हेक्टेयर में आगरा अर्बन सेंटर या न्यू आगरा विकसित करने की योजना है। इसमें आईटी, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, एक्सपो सेंटर और पर्यावरण अनुकूल उद्योगों पर फोकस किया जा सकता है।