नई दिल्ली : नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह और उनकी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों ने अपनी एक महीने की सैलरी प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में जमा करने का निर्णय लिया है।

राहत और पुनर्वास पैकेज तैयार करने का निर्देश

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी बयान के मुताबिक, शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों और कारोबारी संस्थानों के लिए राहत और पुनर्वास पैकेज तैयार करने का निर्देश वित्त मंत्रालय को दिया है।

25 हजार मीट्रिक टन DAP खाद खरीदने की तैयारी

कैबिनेट ने कृषि सामग्री कंपनी लिमिटेड को भारत से 25 हजार मीट्रिक टन DAP खाद खरीदने की सैद्धांतिक मंजूरी भी दे दी है। यह खरीद भारत और नेपाल के बीच सरकारी-से-सरकारी (G2G) प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

भीषण फ्लैश फ्लड के बाद शुरू हुआ संकट

नेपाल में यह संकट 26 अगस्त को तिब्बत-नेपाल सीमा पर आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद शुरू हुआ। तेज बहाव के साथ पानी, मलबा और बड़े-बड़े पत्थर भोटेकोशी और त्रिशूली नदी सिस्टम में पहुंच गए, जिससे रासुवा जिले समेत कई इलाकों में भारी तबाही हुई।

रासुवा के भोटेकोशी क्षेत्र में बाढ़ से हुए नुकसान के बाद सरकार ने राहत, बचाव और पुनर्निर्माण कार्यों को लेकर यह बैठक बुलाई थी। अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में एक बैरियर झील टूटने के बाद दोबारा बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

त्रिशूली नदी क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

नेपाल पुलिस ने त्रिशूली नदी क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। वहीं, राहत और बचाव अभियान में अब तक 475 शव बरामद किए जा चुके हैं। नेपाल के कई इलाकों में अभी भी हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।

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