कीव: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोमवार को दावा किया कि यूक्रेनी सेना ने रूस में तेल प्रसंस्करण संयंत्रों, हमलावर ड्रोन रखने और लॉन्च करने वाली साइट तथा काला सागर में एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया है। जेलेंस्की के मुताबिक, ये हमले यूक्रेन पर रूसी हमलों के जवाब में किए गए।

जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि यूक्रेनी बलों ने रूस के रियाजान क्षेत्र की एक तेल रिफाइनरी पर हमला किया। इसके अलावा लंबी दूरी की मारक क्षमता वाले हथियारों से परम क्षेत्र और तातारस्तान में तेल प्रसंस्करण सुविधाओं तथा कुर्स्क क्षेत्र में हमलावर ड्रोन के भंडारण और लॉन्च स्थल को निशाना बनाया गया।

उन्होंने कहा कि काला सागर में भी एक लक्ष्य पर हमला किया गया। जेलेंस्की ने हमलों को अंजाम देने वाली यूक्रेनी इकाइयों की सटीक कार्रवाई की सराहना की।

रूस ने यूक्रेन के बंदरगाहों को बनाया निशाना

यूक्रेन के इन दावों के बीच रूस ने भी यूक्रेन के बंदरगाहों और समुद्री परिवहन से जुड़े ठिकानों पर हमले जारी रखे। रूसी सरकारी समाचार एजेंसी TASS ने रूसी रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि रविवार शाम रूस के हमलावर ड्रोन ने चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर सैन्य उपकरण ले जा रहे मावका नाम के सूखे मालवाहक जहाज को निशाना बनाया।

TASS के अनुसार, 7 सितंबर की सुबह रूस ने इज़माइल बंदरगाह के एक उत्पादन एवं लोडिंग परिसर पर भी हमला किया। रूसी रक्षा मंत्रालय का दावा है कि इस परिसर का इस्तेमाल पश्चिमी देशों से यूक्रेन पहुंचाए गए सैन्य सामान को उतारने के लिए किया जा रहा था।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि काला सागर में सैन्य सामान ले जाने वाले जहाजों की सुरक्षा में तैनात एक गश्ती नौका को भी निशाना बनाया गया।

अमेरिकी दूतों की कीव यात्रा से बातचीत की उम्मीद

रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच अमेरिका की ओर से कूटनीतिक प्रयास भी तेज हुए हैं। CNN के मुताबिक, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने रविवार को कीव में यूक्रेनी अधिकारियों के साथ विस्तृत बातचीत की और रूस-यूक्रेन के बीच वार्ता दोबारा शुरू करने पर जोर दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों अमेरिकी अधिकारियों की यह पहली कीव यात्रा थी। बातचीत के बाद किसी बड़ी सफलता की घोषणा नहीं हुई, लेकिन विटकॉफ ने समाधान निकलने को लेकर भरोसा जताया।

इससे पहले विटकॉफ और कुशनर ने शनिवार को मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक की थी। इन बैठकों को युद्ध खत्म कराने के लिए अमेरिका के नए कूटनीतिक प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।

CNN के अनुसार, कीव में अमेरिका और यूक्रेन के बीच बातचीत दो दौर में हुई, जिसके बाद यूरोपीय प्रतिनिधियों के साथ तीसरा दौर आयोजित किया गया। ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के अधिकारी भी इन चर्चाओं में शामिल हुए।

हालांकि, इस दौरान रूस और यूक्रेन के बीच 72 घंटे के अस्थायी युद्धविराम की बात सामने आई, जिसमें दोनों देशों की राजधानियों पर हवाई हमले रोकने की व्यवस्था थी। यूक्रेन की वायुसेना के हवाले से CNN ने बताया कि रूसी हमले जारी रहे, हालांकि कीव को निशाना बनाने से परहेज किया गया।

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