गोरखपुर: उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने पूर्व सांसद फूलन देवी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों पर फूलन देवी की संपत्ति पर कब्जे का आरोप लगाया और उनकी मौत की जांच की मांग की।
निषाद समुदाय अब राजनीतिक दिखावे से प्रभावित नहीं
संजय निषाद ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने निषाद समाज के नाम पर सिर्फ वोट की राजनीति की और समाज के मुद्दों को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि निषाद समुदाय अब राजनीतिक दिखावे से प्रभावित नहीं होगा।
फूलन देवी को लेकर उन्होंने कहा कि वह एक बड़ी शख्सियत थीं, जिन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री से भी बात की थी। संजय निषाद ने दावा किया कि फूलन देवी ने सुरक्षा की गारंटी मिलने के बाद ही आत्मसमर्पण करने की बात कही थी।
सपा ने फूलन देवी का राजनीतिक इस्तेमाल किया
उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन दलों ने फूलन देवी का राजनीतिक इस्तेमाल किया, लेकिन उनके साथ किए गए वादे पूरे नहीं किए। उन्होंने उनकी मौत की परिस्थितियों की जांच की मांग भी उठाई।
फूलन की मां के साथ भी अपमानजनक रवैया
संजय निषाद ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी से जुड़े एक नेता ने फूलन देवी की संपत्ति पर कब्जा कर रखा है और उनकी मां के साथ भी सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जा रहा है। हालांकि, ये आरोप संजय निषाद के दावे हैं।
उन्होंने कहा कि फूलन देवी के मुख्यधारा की राजनीति से निराश होने के कारणों पर भी जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि निषाद समाज अब किसी भी राजनीतिक दावे या भावनात्मक अपील के आधार पर फैसला नहीं करेगा।
प्रधानमंत्री किसी एक दल के नहीं पूरे देश के होते हैं
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को लेकर अखिलेश यादव के बयान पर संजय निषाद ने कहा कि प्रधानमंत्री किसी एक दल के नहीं बल्कि पूरे देश के होते हैं और पद का सम्मान किया जाना चाहिए।
UPI ट्रांजैक्शन चार्ज को लेकर विपक्ष के सवालों पर उन्होंने कहा कि जनता पर अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ना चाहिए और इस विषय पर सरकार विचार कर रही है।
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