लखनऊ: समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनाव जीतने के लिए कथित चुनावी कदाचार का सहारा लेने का आरोप लगाया। उन्होंने्  दावा करते हुए कहा कि मतगणना प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं ने सपा उम्मीदवार संजयन त्रिपाठी को हराने की साजिश का पर्दाफाश किया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उसे हराने का संकल्प जताया। अखिलेश यादव के आरोपों से प्रदेश की राजनीति में चुनावी निष्पक्षता और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बहस तेज हो सकती है।

SP का आरोप MLC चुनाव में कथित बड़े पैमाने पर धांधली

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर कथित बड़े पैमाने पर धांधली केआरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा (BJP) नेताओं, उनके सहयोगियों और अधिकारियों ने मतगणना प्रक्रिया में हेरफेर करने के लिए मिलीभगत की थी। उन्होंने दावा किया कि त्रिपाठी के साथ कथित व्यवहार ने शिक्षकों और उनके समुदाय को नाराज कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी उस चीज़ के खिलाफ खड़ी होगी जिसे उन्होंने अन्याय और उत्पीड़न बताया है।

BJP नेता और उनके षडयंत्रकारी सहयोगी की मिलीभगत  

इस संदर्भ मेें सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भ्रष्ट भाजपा नेता, उनके षडयंत्रकारी सहयोगी और मिलीभगत करने वाले पदाधिकारी MLC चुनाव जीतने के लिए हर संभव हद तक गिर गए हैं। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि डॉ. संजयन त्रिपाठी को हराने की साजिश सबके सामने उजागर हो गई है। मतगणना में गड़बड़ी के जरिए डॉ. संजयन त्रिपाठी को हराने का कारण सिर्फ यह नहीं है कि वह सपा के उम्मीदवार हैं; इसके पीछे मुख्य कारण "हटा नहीं भाता" यानी वह जो उन्हें स्वीकार्य नहीं है।

अगर धोखाधड़ी नहीं होती तो BJP की हर सीट पर हार होती

BJP पर हमला बोलते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि राजनीति के मामले में भाजपा सबसे निचले स्तर तक गिर गई है। इतने बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के बाद, जनता को पता चला है कि भाजपा वास्तव में हर सीट हार गई है। भाजपा के नेता वोटों से नहीं, बल्कि गलत तरीकों से जीतते हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से डॉ. संजयन त्रिपाठी को परेशान किया गया है, उसे उनके पूरे समुदाय ने देखा है। न तो उनका समुदाय और न ही राज्य का कोई शिक्षक डॉ. त्रिपाठी के आंसुओं को भूलेगा।  उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों को भाजपा सरकार से अपमान के अलावा कुछ नहीं मिला है।