UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने संगठन को चुनावी मोड में लाने की तैयारी तेज कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सोमवार को प्रदेश कार्यसमिति-2026 की सूची जारी की। इसमें 548 कार्यसमिति सदस्य, 30 स्थायी आमंत्रित सदस्य और 134 विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई बड़े नेताओं को स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती और वरुण गांधी को इस बार सूची में जगह नहीं मिली है।

अमित शाह की मौजूदगी में बनेगा यूपी चुनाव का रोडमैप
उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने के लक्ष्य के साथ भाजपा ने मिशन-2027 की तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। इसी रणनीति के तहत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 और 31 अक्टूबर को दो दिवसीय यूपी दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह पार्टी नेताओं के साथ आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और रणनीति पर चर्चा करेंगे।

अमित शाह 30 अक्टूबर को लखनऊ पहुंचेंगे और डॉ. राममनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार में होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल होंगे। बैठक में संगठन की आगामी रणनीति, चुनावी तैयारियों और पार्टी की प्राथमिकताओं पर मंथन होने की संभावना है।

PM मोदी से योगी आदित्यनाथ तक, ये दिग्गज स्थायी आमंत्रित सदस्य
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की ओर से घोषित सूची में राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के कई बड़े नेताओं को शामिल किया गया है। स्थायी आमंत्रित सदस्यों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वरिष्ठ नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक शामिल हैं।

इसके अलावा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा और तारिक मंसूर, राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी, राष्ट्रीय मंत्री डॉ. भोला सिंह और संगीता यादव को भी जगह दी गई है। सूची में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह, विनय कटियार, डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, सूर्य प्रताप शाही, डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय, स्वतंत्रदेव सिंह और भूपेंद्र सिंह चौधरी के नाम भी शामिल हैं।

केंद्रीय मंत्रियों हरदीप सिंह पुरी, बीएल वर्मा, कमलेश पासवान, जितिन प्रसाद, एसपी सिंह बघेल और कीर्तिवर्धन सिंह को भी स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। इनके अलावा साध्वी निरंजन ज्योति और मुख्तार अब्बास नकवी सहित कई वरिष्ठ नेताओं को सूची में जगह मिली है।

उमा भारती और वरुण गांधी को नहीं मिली जगह
नई सूची में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती और भाजपा सांसद रहे वरुण गांधी के नाम शामिल नहीं है। पिछली कार्यसमिति में उमा भारती स्थायी आमंत्रित सदस्य थीं, लेकिन इस बार उन्हें जगह नहीं दी गई। वहीं, पिछली सूची में शामिल रहे वरुण गांधी का नाम भी नई सूची से गायब है। दूसरी ओर, राममंदिर से जुड़े हालिया प्रकरण में मुखर रहे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विनय कटियार को स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। इससे नई कार्यसमिति में शामिल और बाहर हुए नेताओं को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो सकती हैं।

323 से बढ़कर 548 हुई कार्यसमिति, सामाजिक समीकरणों पर फोकस
भाजपा ने इस बार प्रदेश कार्यसमिति का आकार काफी बढ़ाया है। वर्ष 2021 में घोषित पिछली कार्यसमिति में 323 सदस्य थे, जबकि नई सूची में यह संख्या बढ़कर 548 हो गई है। स्थायी और विशेष आमंत्रित सदस्यों की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई है। पार्टी ने सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के साथ प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्रियों, स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों और राज्यमंत्रियों को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया है। नई सूची में सामाजिक समीकरणों को साधने और संगठन का दायरा बढ़ाने की रणनीति भी दिखाई देती है।

क्या 2027 में हैट्रिक लगा पाएगी भाजपा?
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए बेहद अहम होंगे। पार्टी की नजर लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करने पर है। ऐसे में बड़ी कार्यसमिति के गठन और अमित शाह के प्रस्तावित दौरे को चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब निगाहें लखनऊ में होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक पर रहेंगी, जहां भाजपा के वरिष्ठ नेता मिशन-2027 की रणनीति पर मंथन करेंगे। इस बैठक से प्रदेश में पार्टी के चुनावी अभियान को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। 

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