Varanasi News: वाराणसी में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में देश के भविष्य की नींव मजबूत करने के लिए कदम उठाए थे। उन्होंने कहा कि 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए मोदी ने जिस मॉडल की शुरुआत की थी, उसी विजन को आज पूरे देश में लागू किया जा रहा है।
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2017 से पहले आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति बहुत खराब थी। पिछले साढ़े नौ सालों में 70 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प किया गया है। सरकार की ओर से बजट में भी आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब आंगनबाड़ी केंद्रों में बाल वाटिका भी संचालित हो रही हैं, जहां बच्चों को खेल-खेल में अक्षर और गिनती सिखाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पहले कई केंद्रों में पीने का पानी, शौचालय और गर्म भोजन जैसी सुविधाएं भी नहीं थीं।
योगी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय मिलने में भी परेशानी होती थी। उन्होंने 2017 में सामने आए उस मामले का भी जिक्र किया, जिसमें आंगनबाड़ी केंद्रों में शराब माफिया द्वारा खाद्य सामग्री की सप्लाई किए जाने की जांच के आदेश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि इस साल राष्ट्रीय पोषण माह की थीम 'मेरा आंगनबाड़ी, मेरी जिम्मेदारी' है। इसे सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं समझना चाहिए, बल्कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम पंचायत और हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी देश की असली ताकत उसका युवा होता है और युवाओं का भविष्य उनके बचपन से तय होता है। स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे से ही स्वस्थ विद्यार्थी और मजबूत युवा तैयार होंगे। मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ युवा देश को सही दिशा देने में अहम भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और बेबी रानी मौर्य भी मौजूद रहीं। यह कार्यक्रम वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया।
यह भी पढ़ें: यूपी में भूमिहार वोट का बड़ा सियासी असर, इन विधानसभा सीटों पर बदल जाता है चुनावी गणित; पिंडरा-मुहम्मदाबाद सबसे खास