Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में इस समय चुनावी तैयारियों को लेकर सभी पार्टियों ने अपनी कमर कस ली है। जनता को लुभावने वादों की झड़ी लगाने के लिए कार्यक्रम की शुरुआत भी की जा रही है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का बुलंदशहर में 11 सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम का आयोजन होना था। लेकिन स्थानीय पुलिस-प्रशासन द्वारा सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए हेलीकॉप्टर उतरने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद नाराज अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर हेलीपैड का वीडियो पोस्ट कर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
अखिलेश यादव ने X पर किया पोस्ट
दरअसल अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर पोस्ट लिखा- जिसमें अखिलेश यादव ने लिखा कि, बुलंदशहर में हैलीपैड पर दूर-दूर तक जलभराव नहीं है, केवल जबरदस्ती का सीमेंट, गारा और पेवर ब्लाक्स दिखाकर,शासन के गुपचुप निर्देश पर प्रशासन हमारे 11 सितंबर के कार्यक्रम को रद्द करने का बहाना ढूंढ रहा है। सपा पदाधिकारियों के सामने निष्पक्ष विशेषज्ञों से जांच कराकर सत्य सामने रखा जाए। अगर हम सड़क मार्ग से आएंगे तो भी क्या एक्सप्रेसवे या हाईवे या रोड के खराब होने के बहाने बनाए जाएंगे क्योंकि वो सब सड़कें तो सच में चलने लायक हैं ही नहीं। जनता पूछ रही है कि हैलीपैड और मौसम केवल विपक्ष के लिए ही क्यों ख़राब होता है?
बुलंदशहर में हैलीपैड पर दूर-दूर तक जलभराव नहीं है, केवल ज़बरदस्ती का सीमेंट, गारा और पेवर ब्लाक्स दिखाकर, शासन के गुपचुप निर्देश पर प्रशासन हमारे 11 सितंबर के कार्यक्रम को रद्द करने का बहाना ढूँढ रहा है। सपा के पदाधिकारियों के सामने निष्पक्ष विशेषज्ञों से जाँच कराकर सत्य सामने… pic.twitter.com/UGM6iMJkxT
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) September 9, 2026
जिला प्रशासन ने आरोप किए खारिज
बुलंदशहर जिला प्रशासन ने सपा द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को खारिज कर दिया है। एसपी सिटी अभिषेक प्रताप अजेय ने कहा कि,संबंधित एक्सईन से जवाब तलब किया गया था। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए यह स्थान सुरक्षित नहीं है। इसलिए वीवीआईपी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसकी अनुमति नहीं दी। सिटी मजिस्ट्रेट जेपी पांडेय ने पानी भरने के कारण अनुमति न दिए जाने की बात कही है।
सपा नेताओं में भड़का गुस्सा
सपा जिलाध्यक्ष मतलूब अली ने मामले में गुस्सा जताते हुए आरोप लगाया कि, प्रशासन और सत्ता पक्ष कार्यक्रम को नहीं होने दे रहा। लगातार पार्टी के कार्यक्रम में अडंगा डालने का प्रयास किया जा रहा है। अनुमति निरस्त होने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार नहीं किया जाएगा। मामले में सपा कार्यकर्ताओं में काफी गुस्सा भड़का हुआ है। प्रशासन पर जानबूझकर अनुमति न देने का आरोप लगाया जा रहा है।
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