पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। लगातार बढ़ते जलस्तर और कई प्रमुख नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण राज्य के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक बिहार में 34 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं और कई इलाकों में लोगों को आवाजाही के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा
बिहार के जल संसाधन विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक गंगा, कोसी, गंडक, बागमती, बूढ़ी गंडक और सोन समेत कई नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। 9 सितंबर की सुबह के आंकड़ों में गंगा कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर है। वहीं कोसी भी सुपौल और कटिहार क्षेत्र में गंभीर स्थिति में है। पटना के गांधी घाट पर भी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया, सुपौल, कटिहार, वैशाली और दूसरे इलाकों में भी नदी के बढ़े जलस्तर को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
वहीं गंगा नदी के किनारे निचले इलाके में बना एक ट्रैक्टर यार्ड पानी में डूब गया, क्योंकि नदी का जलस्तर बढ़ने से रिहायशी इलाकों में भी पानी भर गया। ये तस्वीरें पटना के दीदारगंज चेक पोस्ट की हैं।
#WATCH | Patna, Bihar: A tractor yard, located in low-lying area near the banks of river Ganga, flooded as the river overflowed and flooded residential areas. Visuals from Didarganj Check Post in Patna. pic.twitter.com/JkWjt0E25a
— ANI (@ANI) September 8, 2026
13 जिलों में लाखों लोग प्रभावित
बाढ़ का असर राज्य के कई जिलों में दिखाई दे रहा है। 8 सितंबर तक सामने आई रिपोर्ट के अनुसार 13 जिलों में 34 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। गंगा के सुल्तानगंज में बाढ़ के निशान को पार करने के बाद निचले इलाकों में भी अलर्ट जारी किया गया था। पटना, भागलपुर, मुंगेर, वैशाली और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का असर खास तौर पर देखने को मिल रहा है। कई जगह सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पटना-गया रेल रूट पर भी असर
बाढ़ का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा है। गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण पटना-गया रूट की कई ट्रेनों को रद्द किया गया है। वहीं भागलपुर-मुंगेर के बीच NH-80 पर भी आवाजाही प्रभावित हुई है। इससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
राहत और बचाव अभियान तेज
बिहार सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। इससे पहले सरकार ने NDRF और SDRF की 33 टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात की थीं। करीब 700 सरकारी नावों को भी राहत और लोगों की आवाजाही के लिए लगाया गया था। प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर और सामुदायिक रसोई भी संचालित की जा रही हैं, ताकि बाढ़ में फंसे लोगों तक भोजन और जरूरी सामान पहुंचाया जा सके।
कुछ नदियों में पानी घटने से राहत की उम्मीद
हालांकि हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं, लेकिन कुछ नदियों के जलस्तर में कमी के संकेत भी मिले हैं। अधिकारियों के मुताबिक गंगा का जलस्तर कुछ जगहों पर घटने लगा है और आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। फिर भी कई नदियां अभी खतरे के निशान से ऊपर हैं, इसलिए प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील कर रहा है।
फिलहाल बिहार में बाढ़ का खतरा टला नहीं है। प्रशासन की नजर नदियों के जलस्तर, मौसम और प्रभावित इलाकों की स्थिति पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में बारिश और नदी के जलस्तर के आधार पर हालात में बदलाव हो सकता है।
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