नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। इस मामले में पुलिस ने इमारत की मालकिन उर्मिला, उसके पति हरिराम और उसके बेटे को गिरफ्तार किया था। वहीं अब पांचवें आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पीजी संचालक सुधांशु के रूप में हुई है जबकि शुभम त्यागी अभी भी फरार हैं। पुलिस, हादसे में उसकी भूमिका और इमारत में चल रहे निर्माण एवं मरम्मत कार्य की जांच कर रही है।

सत्य निकेतन में रविवार को पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई थी। यह इमारत छात्रों के लिए पीजी के तौर पर इस्तेमाल की जा रही थी। हादसे में 7 लोगों की मौत हुई, जबकि कई लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया था। राहत और बचाव अभियान करीब 27 घंटे तक चला।

पांचवीं गिरफ्तारी से पहले क्या हुआ?
हादसे के बाद पुलिस ने मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया। जांच में इमारत के मालिक और उससे जुड़े लोगों के अलावा मरम्मत कार्य में शामिल लोगों की भूमिका भी सामने आई। दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक पुलिस रिमांड के दौरान महेश ने बिल्डिंग को अगस्त 2025 से दो बिजनेस पार्टनर शुभम त्यागी और सुधांशु को लीज पर दिया था। शुभम त्यागी और सुधांशु इसे 'Hostel Daze' नाम से PG के तौर पर चला रहे थे। हादसे से पहले इमारत के बेसमेंट में काम चल रहा था। इसी दौरान भवन की सुरक्षा और संरचना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इमारत में किस तरह का काम कराया जा रहा था, क्या उसके लिए जरूरी अनुमति ली गई थी और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।

दिल्ली में जर्जर इमारतों पर आज बड़ा एक्शन
वहीं हादसे के बाद दिल्ली में पुराने भवनों और पीजी की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। जिसके बाद दिल्ली प्रशासन ने जर्जर और असुरक्षित इमारतों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि 24 संपत्तियों पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई हैं जबकि 27 संपत्तियों को ध्वस्त करने के नए आदेश जारी किए गए हैं। वहीं आज राजधानी के कुछ इलाकों में MCD ऐसी इमारतों को गिराने की कार्रवाई करेगी, जिन्हें प्रशासन की जांच में लोगों के लिए खतरा माना गया है। जिसमें ईस्ट दिल्ली के तीन इलाके शामिल है इनमें लक्ष्मी नगर, न्यू अशोक नगर और पांडव नगर शामिल है। साथ ही मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, करोल बाग, चांदनी चौक और नेहरु विहार जैसे स्टूडेंट हब्स भी इसमें शामिल हैं।

PG और हॉस्टल की सुरक्षा पर भी उठे सवाल
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में पीजी और निजी छात्रावासों को लेकर नियम और सख्त करने की तैयारी भी चल रही है। दिल्ली सरकार ने निजी हॉस्टल और पीजी को नियमित करने के लिए प्रस्तावित कानून में लाइसेंस, पुलिस क्लीयरेंस और संरचनात्मक एवं अग्नि सुरक्षा से जुड़े प्रमाणपत्र अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव के मुताबिक पीजी को एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जा सकता है और उन्हें एक सार्वजनिक पोर्टल पर सूचीबद्ध किया जाएगा, ताकि छात्रों और उनके परिवारों को रहने की जगह की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी मिल सके।

सत्य निकेतन हादसे के बाद अब दिल्ली में जर्जर इमारतों और अवैध या अनियमित पीजी पर कार्रवाई कितनी तेज होती है, इस पर सभी की नजर है। हादसे के बाद MCD के पांच अधिकारियों को निलंबित भी किया गया है। इससे साफ है कि जांच का दायरा सिर्फ भवन मालिक और पीजी संचालक तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर संभावित लापरवाही की भी जांच हो रही है।

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