Bijnor Industrial Corridor: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के निर्माण की कवायद अब आगे बढ़ने लगी है। इसके लिए प्रशासन ने 4263 गाटा संख्या चिह्नित कर ली हैं। इन गाटों का रिकॉर्ड और रिपोर्ट यूपीडा को भेज दी गई है। अब जल्द ही यूपीडा की ओर से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बिजनौर तहसील क्षेत्र के 10 गांवों में औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए जमीन चिह्नित की गई है। प्रशासन ने गाटा संख्या चिह्नित करने के साथ ही अंश निर्धारण की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। चिह्नित 4263 गाटों का कुल क्षेत्रफल 683.8339 हेक्टेयर है। इसी जमीन पर औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाना प्रस्तावित है।
इन 10 गांवों में चिह्नित हुई जमीन
औद्योगिक गलियारे के लिए यूसुफाबाद, उलकपुर, स्वाहेड़ी बुजुर्ग, अलीपुर माखन, मुढाला, किशनपुर, नूरपुर डालू, फिरोजपुर रतन, खाना पट्टी और पपावरखुर्द में जमीन चिह्नित की गई है। अब जमीन खरीद और अधिग्रहण से जुड़ी आगे की कार्रवाई यूपीडा की टीम करेगी।
पपावरखुर्द में सबसे ज्यादा जमीन का अधिग्रहण
औद्योगिक गलियारे के लिए सबसे ज्यादा जमीन पपावरखुर्द गांव से ली जाएगी। यहां 1217 गाटे चिह्नित किए गए हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल 172.0850 हेक्टेयर है। वहीं, मुढाला गांव में सबसे कम करीब 28.7 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है।
औद्योगिक गलियारा बनने से क्या होगा फायदा?
बिजनौर में औद्योगिक गलियारा विकसित होने से जिले की अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। वहीं इस संबंध में बिजनौर तहसीलदार आशीष सक्सेना ने बताया कि औद्योगिक गलियारे के लिए गाटा संख्या चिह्नित कर रिपोर्ट यूपीडा को भेज दी गई है। अब जल्द ही यूपीडा की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक गलियारा विकसित होने से बिजनौर के विकास को नई गति मिलेगी और जिले में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।
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