Etawah Industrial Corridor: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में औद्योगिक विकास को गति देने की तैयारी है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे ताखा क्षेत्र में करीब 88.14 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में संबंधित भूमि को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के पक्ष में हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। परियोजना से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
ताखा और भरथना क्षेत्र की जमीन पर होगा विकास
प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर में ताखा तहसील के ककराही गांव की करीब 52 हेक्टेयर और भरथना तहसील क्षेत्र की करीब 36 हेक्टेयर भूमि शामिल है। कुल 88.14 हेक्टेयर जमीन पर परियोजना विकसित की जानी है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद शनिवार को एसडीएम विजय प्रकाश मिश्रा ने ककराही गांव में चिह्नित भूमि का निरीक्षण किया। इस दौरान विकास कार्यों से जुड़ी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर सुरेंद्र सिंह और लेखपाल पंकज गुप्ता भी मौजूद रहे।
जमीन के बाद अब निर्माण की तैयारी
एसडीएम विजय प्रकाश मिश्रा के मुताबिक, परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब औद्योगिक कॉरिडोर को विकसित करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी। परियोजना के तहत परिसर के भीतर सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। औद्योगिक इकाइयों को बिजली उपलब्ध कराने के लिए पावर हाउस भी बनाया जाएगा। बुनियादी सुविधाएं विकसित होने के बाद औद्योगिक इकाइयों के लिए प्लॉट आवंटित किए जाएंगे।
वाग्माइन एंटरप्राइजेज को मिला निर्माण का टेंडर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, औद्योगिक कॉरिडोर के निर्माण कार्य के लिए वाग्माइन एंटरप्राइजेज कंपनी को टेंडर दिया गया है। परियोजना के विकसित होने के बाद यहां औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का रास्ता साफ होगा।
स्थानीय युवाओं को मिल सकते हैं रोजगार के अवसर
औद्योगिक कॉरिडोर बनने से इटावा और आसपास के क्षेत्रों में कारोबार तथा औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। निर्माण कार्यों के साथ परिवहन, लॉजिस्टिक्स और व्यापार से जुड़ी गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं। औद्योगिक इकाइयां स्थापित होने के बाद स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, रोजगार की वास्तविक संख्या और निवेश से संबंधित विस्तृत आंकड़े अभी उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं हैं।