अनंतपुर: आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र में सूखे की स्थिति को लेकर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने राज्य की गठबंधन सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर पूरी तरह विफल रही है।

रायलसीमा में किसानों को पानी का संकट

YSRCP नेताओं अनंता वेंकटरामी रेड्डी और पूर्व मंत्री साके सैलजानाथ ने शुक्रवार को अनंतपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि रायलसीमा में किसानों को सिंचाई के पानी, पीने के पानी और पशुओं के चारे की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में खरीफ की बुवाई घटकर सिर्फ 39-40 प्रतिशत रह गई है, जबकि भूजल स्तर 12 से 20 मीटर तक नीचे चला गया है। चारे की कमी के कारण दूध उत्पादन में करीब 75 प्रतिशत की गिरावट आई है।

सरकार के पास नहीं है कोई आपात योजना

YSRCP नेताओं ने कहा कि अल नीनो और कम बारिश की चेतावनियों के बावजूद सरकार ने कोई आपात योजना तैयार नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि तेलंगाना ने श्रीशैलम जलाशय से बिजली उत्पादन के लिए करीब 53 टीएमसी पानी छोड़ा, लेकिन आंध्र सरकार ने जल संकट के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

पार्टी नेताओं ने पिछली YSRCP सरकार का हवाला देते हुए कहा कि किसानों के लिए करीब 8,600 करोड़ रुपये फसल बीमा प्रीमियम और 11,000 करोड़ रुपये इनपुट सब्सिडी के रूप में दिए गए थे, जबकि अब किसानों को खुद बीमा प्रीमियम भरना पड़ रहा है।

रायलसीमा की सिंचाई परियोजनाएं प्रभावित

पूर्व मंत्री सैलजानाथ ने चेतावनी दी कि बिजली खरीदी जा सकती है, लेकिन बर्बाद हुआ पानी वापस नहीं लाया जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर श्रीशैलम जलाशय से लगातार बिजली उत्पादन के लिए पानी छोड़ा गया तो रायलसीमा की सिंचाई परियोजनाएं प्रभावित होंगी।

पेयजल संकट का समाधान करने की मांग

YSRCP ने सरकार से श्रीशैलम से तेलुगु गंगा, हैंद्री-नीवा और अन्य रायलसीमा परियोजनाओं के लिए तत्काल पानी छोड़ने, किसानों को मुआवजा देने और चारे व पेयजल संकट का समाधान करने की मांग की।

कृषि संकट को नजरअंदाज करने का आरोप

वहीं, YSRCP प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कम बारिश के बावजूद किसानों की मदद के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने सरकार पर कृषि संकट को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।

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