गुरुग्राम: PACL की गुरुग्राम स्थित संपत्तियों की नीलामी से जुड़ी करीब ₹911 करोड़ की डील को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। नीलामी में संभावित बोलीदाता (Prospective Bidder) ने संबंधित समिति को पत्र भेजकर सफल बोलीदाता द्वारा भुगतान की प्रक्रिया और मौजूदा स्थिति पर स्पष्टीकरण मांगा है। 8 सितंबर को भेजे गए अपने नवीनतम पत्र में Prospective Bidder ने कहा कि नीलामी को लेकर उसके पहले भेजे गए अभ्यावेदनों में उठाए गए सवालों का अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। अब उसने पूछा है कि ₹911.07 करोड़ की स्वीकृत बोली वाली इस डील में सफल बोलीदाता ने तय समयसीमा के भीतर भुगतान की सभी औपचारिकताएं पूरी की थीं या नहीं।
क्या है पूरा मामला?
मामला 18 नवंबर 2025 को जारी ‘Tender Document for E-Auction of Properties in Gurugram, Haryana’ के तहत हुई ई-नीलामी से जुड़ा है। पत्र में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दाखिल 9 मई के Status Report का भी हवाला दिया गया है। Prospective Bidder के मुताबिक, इस रिपोर्ट में दर्ज है कि गुरुग्राम की नीलामी 2 फरवरी को हुई थी और करीब ₹911.07 करोड़ की बोली स्वीकार की गई थी।
75% भुगतान और 1% Poundage Fee पर सवाल
Prospective Bidder ने खास तौर पर Tender Document की Clause 2.14 का हवाला देते हुए पूछा है कि क्या सफल बोलीदाता को शेष 75 फीसदी राशि और 1 फीसदी Poundage Fee जमा करने के लिए कोई अतिरिक्त समय या छूट दी गई थी।
अगर ऐसी कोई छूट या समय-विस्तार दिया गया था, तो इसे सार्वजनिक किया गया था या नहीं, इस पर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही सवाल उठाया गया है कि अगर सफल बोलीदाता को अतिरिक्त मौका दिया गया, तो इसी तरह की स्थिति वाले दूसरे Prospective Bidders को समान अवसर क्यों नहीं दिया गया? पत्र में नीलामी प्रक्रिया के Free, Fair and Transparent Sale के उद्देश्य का भी उल्लेख किया गया है।
क्या ₹911 करोड़ की डील रद्द हो गई?
Prospective Bidder ने नीलामी की मौजूदा स्थिति को लेकर भी सीधे सवाल किए हैं। उसने पूछा है कि अगर सफल बोलीदाता ने तय समय में शेष रकम जमा नहीं की, तो क्या बिक्री रद्द कर दी गई है? अगर डील रद्द हो चुकी है, तो क्या गुरुग्राम की संपत्तियों की Re-auction कराई जाएगी और इसकी संभावित समयसीमा क्या होगी? वहीं, अगर बिक्री अभी भी कायम है, तो लेनदेन किस चरण में है और इसके पूरा होने की संभावित समयसीमा क्या है, इसकी जानकारी भी मांगी गई है।
16 मार्च को भी मांगी गई थी जानकारी
इससे पहले 16 मार्च को भेजे गए प्रतिनिधित्व में Prospective Bidder ने नीलामी के नतीजे, H1 Bidder की पहचान और स्वीकार की गई बोली राशि समेत कई जानकारियां मांगी थीं। उसने सफल बोलीदाता द्वारा आवश्यक भुगतान किए जाने की पुष्टि भी चाही थी। इसके अलावा 24 दिसंबर 2025 के Corrigendum No. 1 के जरिए नीलामी से बाहर रखी गई कुछ संपत्तियों के भविष्य में निपटारे को लेकर भी जानकारी मांगी गई थी।
अब Prospective Bidder का कहना है कि उसके दोनों पुराने पत्रों का न तो जवाब दिया गया और न ही उन्हें acknowledge किया गया। इसके चलते नीलामी प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। Prospective Bidder ने संबंधित समिति से नवीनतम पत्र में उठाए गए सवालों का सात working days के भीतर जवाब देने का अनुरोध किया है।