लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी विभागों में आउटसोर्स के जरिए काम कर रहे कर्मचारियों के लिए योगी सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। आंगनवाड़ी कार्यकताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी के लिए नई व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारियों के वेतन भुगतान से लेकर ईपीएफ, ईएसआई, बीमा और नौकरी से जुड़ी सुरक्षा तक कई चीजों में बदलाव किया गया है। कार्यकर्ताओं को अब 12 हजार रुपये और सहायिकाओं को 6 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएगें। वहीं सरकार के मुताबिक इस व्यवस्था का फायदा प्रदेश के करीब 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को मिलेगा।
अक्टूबर से बढ़ी हुई सैलरी का फायदा?
नई व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा वेतन बढ़ने को लेकर है। हालांकि UPCOS की आधिकारिक जानकारी में मार्च 2026 की प्रेस रिलीज के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन में ₹8,000 से ₹11,000 तक की बढ़ोतरी का उल्लेख किया गया है। यह बढ़ोतरी हर कर्मचारी के लिए समान नहीं होगी। कर्मचारी का पद, श्रेणी और लागू पारिश्रमिक के हिसाब से वास्तविक वेतन तय होगा। इसलिए ₹12 हजार तक फायदा वाली बात को सभी कर्मचारियों के लिए तय बढ़ोतरी नहीं माना जा सकता। अलग-अलग कर्मचारियों को मिलने वाला लाभ अलग हो सकता है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को जो मानदेय पहले ₹3,000 प्रतिमाह मिलता था, उसे ₹8,000 प्रतिमाह बढ़ाया गया था...
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 8, 2026
हम उसको बढ़ाकर ₹12,000 प्रतिमाह करने जा रहे हैं... pic.twitter.com/nl41qBoq3u
अब एजेंसी नहीं काट पाएगी सर्विस चार्ज
नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आउटसोर्सिंग एजेंसी कर्मचारी के पारिश्रमिक में से अपना सर्विस चार्ज काटकर वेतन कम नहीं कर सकेगी। सरकार की ओर से एजेंसी का सेवा शुल्क देने की व्यवस्था की गई है। इसका सीधा फायदा उन कर्मचारियों को मिलेगा, जिन्हें तय रकम से कम पैसा हाथ में मिलता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उदाहरण देते हुए बताया था कि कुछ कर्मचारियों के लिए 9 हजार रुपये की राशि तय होने के बावजूद उन्हें करीब 6 हजार रुपये ही मिलते थे। नई व्यवस्था में इस तरह की कटौती रोकने पर जोर दिया गया है।
हर महीने 1 से 5 तारीख के बीच खाते में आएगी सैलरी
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए समय पर वेतन भुगतान की व्यवस्था भी की गई है। UPCOS के अनुसार कर्मचारियों का पारिश्रमिक हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच सीधे बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था है। इससे वेतन में देरी और एजेंसी के चक्कर लगाने की समस्या कम होने की उम्मीद है।
EPF और ESIC का भी मिलेगा लाभ
सिर्फ वेतन ही नहीं, कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा लाभों पर भी जोर दिया गया है। UPCOS के तहत कर्मचारियों के EPF और ESIC खाते खुलवाकर निर्धारित अंशदान जमा कराने की व्यवस्था की गई है। कर्मचारी अपने वेतन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी जानकारी डिजिटल माध्यम से भी देख सकेंगे।
20 से 40 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा
नई व्यवस्था में आउटसोर्स कर्मचारियों को दुर्घटना बीमा का लाभ भी मिलेगा। सरकार ने अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार 20 से 40 लाख रुपये तक के दुर्घटना बीमा कवर की जानकारी दी है। इसके अलावा स्वास्थ्य और अन्य आपात स्थितियों के लिए भी कई सुविधाओं का ऐलान किया गया है।
नौकरी से निकालने पर भी मनमानी नहीं
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नौकरी की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार के मुताबिक अब एजेंसी किसी कर्मचारी को मनमाने तरीके से नौकरी से नहीं निकाल सकेगी। किसी कर्मचारी को हटाने से पहले सरकार को जानकारी देनी होगी और मामले की जांच की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
3.5 लाख कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से प्रदेश के करीब 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारी लाभान्वित होंगे। इसका असर उनके परिवारों तक भी पहुंचने की उम्मीद है। सरकार ने पूरी व्यवस्था को डिजिटल बनाने के लिए UPCOS पोर्टल शुरू किया है, जहां भर्ती, उपस्थिति, वेतन, EPF-ESIC और शिकायत से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित करने की योजना है। यानी यूपी के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए आने वाला बदलाव सिर्फ वेतन तक सीमित नहीं है। समय पर सैलरी, एजेंसी की कटौती से राहत, EPF-ESIC, बीमा और नौकरी से जुड़ी सुरक्षा—इन सभी मोर्चों पर नई व्यवस्था बड़ा बदलाव ला सकती है।
निदेशक को दिए गए कार्रवाई के निर्देश
अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने निदेशक, बाल विकास सेवा एंव पुष्टाहार हर्षिता माथुर को शासनादेश के अनुरुप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के इस फैसले से आगनबाड़ी कार्यकर्ताओ और मानदेय में सीधे बढ़ोतरी हुई हैं।
हालांकि, हर कर्मचारी को ₹12 हजार की समान बढ़ोतरी मिलेगी, ऐसा आधिकारिक तौर पर नहीं कहा गया है। वास्तविक फायदा संबंधित पद और लागू वेतन व्यवस्था के आधार पर तय होगा।
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