MP Mukhyamantri Scooty Yojana 2026: मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को लेकर बड़ा अपडेट है। 2026 में 7,500 से ज्यादा विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। खास बात यह है कि इस बार पात्रता के नियमों में बदलाव किया गया है। अब केवल अपने स्कूल में टॉप करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि पहली बार में कम से कम 70 प्रतिशत अंक हासिल करना भी जरूरी है।
मध्य प्रदेश सरकार की इस योजना का आधिकारिक नाम निःशुल्क ई-स्कूटी/आईसीईएस प्रदाय योजना है। योजना के तहत शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं की बोर्ड परीक्षा में अपनी शाला में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले पात्र विद्यार्थियों को वाहन खरीदने के लिए सहायता दी जाती है। योजना में छात्र और छात्रा दोनों शामिल हैं।2026-27 से पात्रता में 70 प्रतिशत अंक की शर्त जोड़ी गई है। यानी विद्यार्थी को संबंधित सरकारी स्कूल में प्रथम स्थान हासिल करने के साथ पहली बार में कम से कम 70 प्रतिशत अंक भी प्राप्त करने होंगे। सभी संकायों के विद्यार्थियों को पात्रता के दायरे में रखा गया है।
पात्रता की मुख्य शर्तें
- विद्यार्थी मध्य प्रदेश के पात्र शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल का नियमित विद्यार्थी हो।
- कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में अपने स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया हो।
- परीक्षा पहली बार में पास की हो।
- 2026-27 से कम से कम 70 प्रतिशत अंक हासिल किए हों।
- योजना के लिए संबंधित स्कूल और विभाग द्वारा विद्यार्थी के रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया हो।
इसका मतलब साफ है कि सिर्फ 70 प्रतिशत अंक हासिल करने से स्कूटी नहीं मिलेगी। विद्यार्थी का अपने पात्र सरकारी स्कूल में टॉपर होना भी जरूरी है।
विमर्श पोर्टल पर कैसे चेक करें अपना नाम?
चयनित विद्यार्थियों की सूची स्कूल और जिले के स्तर पर जारी की जाती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सत्यापन के बाद सूची को शिक्षा/विमर्श पोर्टल पर अपलोड किया जाता है।नाम चेक करने के लिए सबसे पहले विमर्श पोर्टल पर जाएं और मुख्यमंत्री स्कूटी योजना से संबंधित सूची/मेरिट लिस्ट वाला सेक्शन खोलें। इसके बाद अपने जिले और स्कूल के अनुसार उपलब्ध सूची देखें। PDF या सूची में अपना नाम, स्कूल का नाम और संबंधित विवरण चेक करें।
अगर आप अपने स्कूल के टॉपर हैं, लेकिन सूची में नाम नहीं दिखाई दे रहा है, तो सबसे पहले अपने स्कूल के प्राचार्य से संपर्क करें। स्कूल स्तर पर दर्ज अंकों और अन्य विवरण की जांच कराना जरूरी है, क्योंकि पात्र विद्यार्थियों के सत्यापन और सूची अपलोड की प्रक्रिया स्कूल तथा जिला शिक्षा अधिकारियों के स्तर से होती है।
ई-स्कूटी और पेट्रोल वाहन के लिए कितनी राशि?
योजना में विद्यार्थियों को निर्धारित वाहन के विकल्प के अनुसार वित्तीय सहायता दी जाती है। मौजूदा प्रावधान के अनुसार पेट्रोल से चलने वाले मोटराइज्ड वाहन के लिए अधिकतम 90,000 रुपये और ई-स्कूटी के लिए अधिकतम 1.20 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है।ई-स्कूटी के मामले में निर्धारित सीमा के भीतर रजिस्ट्रेशन आदि से जुड़े खर्च का भी प्रावधान बताया गया है। वहीं पेट्रोल वाहन के लिए 90 हजार रुपये तक की सहायता निर्धारित है।यह राशि सामान्य रूप से अपनी इच्छा से खर्च करने के लिए नहीं होती, बल्कि योजना के तहत निर्धारित वाहन खरीदने के उद्देश्य से दी जाती है। इसलिए लाभार्थी विद्यार्थियों को राशि मिलने के बाद योजना की शर्तों के अनुसार ही वाहन खरीदना चाहिए।
7,500 से ज्यादा विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
2026 में मध्य प्रदेश में 7,500 से ज्यादा मेधावी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत लाभ दिया जा रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में DBT के माध्यम से भेजे जाने की प्रक्रिया की गई है।सरकार ने योजना को आगे भी जारी रखने का फैसला किया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 2026-27 से 2030-31 तक योजना के लिए करीब 495 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान स्वीकृत किया गया है।
लड़कों को भी मिलती है स्कूटी?
हां। नाम में भले ही कई जगह इसे मुख्यमंत्री बालिका स्कूटी योजना कहा जाता हो, लेकिन मौजूदा सरकारी योजना विवरण में छात्र और छात्रा दोनों को लाभार्थी बताया गया है। योजना का उद्देश्य सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूलों के 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना है।