Indian Railways: पश्चिम रेलवे के उधना-उकाई सोंगढ सेक्शन पर चार लेन वाला रोड ओवरब्रिज (ROB) बनाया जाएगा। भारतीय रेलवे ने शनिवार को इस परियोजना को मंजूरी दे दी। इस ब्रिज के निर्माण पर कुल रुपये133.2295 करोड़ खर्च होंगे। परियोजना को भारतीय रेलवे और राज्य सरकार मिलकर पूरा करेंगे।
133 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा 4-लेन रोड ओवरब्रिज
उधना-उकाई सोंगढ सेक्शन पर बनने वाला यह ROB चार लेन का होगा। परियोजना की कुल लागत 133.2295 रुपये करोड़ निर्धारित की गई है। इसमें भारतीय रेलवे की हिस्सेदारी 66.6147 करोड़ रुपये, जबकि राज्य सरकार 66.6148 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
रेलवे ब्रिज वाले हिस्से में Open Web Girder (OWG) का इस्तेमाल किया जाएगा। इस हिस्से की अनुमानित लागत करीब 91.60 करोड़ रुपये है। रेलवे के मुताबिक, जिस स्थान पर क्रॉसिंग बनाई जाएगी वहां करीब 62 फीसदी स्क्यू है। इसकी वजह से ब्रिज की डिजाइन और निर्माण प्रक्रिया तकनीकी रूप से अधिक चुनौतीपूर्ण होगी।
311 मीटर का होगा वायाडक्ट
परियोजना में करीब 311.58 मीटर लंबा वायाडक्ट बनाया जाएगा। इसकी अनुमानित लागत 19.98 करोड़ रुपये है। वहीं रेलवे एप्रोच (RE) की लंबाई 524.32 मीटर होगी और इस पर करीब 10.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
ट्रैफिक और ट्रेन संचालन दोनों को मिलेगा फायदा
चार लेन वाले ROB के बनने से सड़क यातायात को रेलवे ट्रैक के ऊपर से निर्बाध रास्ता मिलेगा। इससे रेलवे क्रॉसिंग पर वाहनों के रुकने और ट्रेन संचालन में होने वाले हस्तक्षेप को कम करने में मदद मिलेगी।
ग्रेड-सेपरेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारू और सुरक्षित होने की उम्मीद है। इससे यात्रियों को बेहतर परिचालन दक्षता और रेलवे सेवाओं की अधिक विश्वसनीयता का लाभ मिल सकता है।
पांच राज्यों में रेलवे विस्तार को भी मिली थी मंजूरी
इससे पहले 9 सितंबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने पांच राज्यों में करीब रुपये 10,783 करोड़ की लागत वाली तीन मल्टीट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। इन परियोजनाओं से रेलवे नेटवर्क में करीब 656 किलोमीटर की वृद्धि होगी और माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इन परियोजनाओं में खड़गपुर-झारसुगुड़ा (बागडेही) चौथी लाइन, कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन और बिलासपुर (उस्लापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन शामिल हैं। परियोजनाएं पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों से होकर गुजरेंगी।
इनसे करीब 4,790 गांवों की लगभग 56 लाख आबादी को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। परियोजनाओं को PM गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत विकसित किया जा रहा है। इसके जरिए मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर है। इन रेल परियोजनाओं से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, अमरकंटक, अचानकमार टाइगर रिजर्व और तारातारिणी मंदिर जैसे पर्यटन व धार्मिक स्थलों तक पहुंच बेहतर होने की भी उम्मीद है।