DUSU Election Result 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026 के नतीजे सामने आ गए हैं। इस बार केंद्रीय पैनल की चार सीटों पर मुकाबला काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। शुरुआती राउंड में जहां ABVP ने चारों पदों पर बढ़त बनाई, वहीं कुछ ही राउंड बाद अध्यक्ष पद पर NSUI ने बढ़त बना ली थी। इसके बाद कई बार दोनों संगठनों के उम्मीदवारों के बीच स्थिति बदली।

अंतिम नतीजों में ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद अपने नाम किए, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की। इस तरह केंद्रीय पैनल की चार सीटों में से तीन पर ABVP उम्मीदवार विजयी रहे और एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई।

यश डबास अध्यक्ष, रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव बने

ABVP के यश डबास ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। वहीं संगठन की रिया छावड़ी सचिव पद पर विजयी रहीं। संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह ने जीत हासिल की।अध्यक्ष पद की मतगणना खास तौर पर लंबे समय तक चर्चा में रही। शुरुआत में यश डबास आगे थे, फिर NSUI के विजय शंकर मीणा ने बढ़त बनाई। 9वें राउंड में दोनों के बीच सिर्फ एक वोट का अंतर रह गया था और 10वें राउंड में मीणा ने 494 वोटों की बढ़त हासिल कर ली थी। इसके बाद दोबारा यश डबास ने वापसी की और आगे निकल गए।16वें राउंड तक यश डबास को 18,786 और विजय शंकर मीणा को 18,707 वोट मिले थे। यानी इस चरण पर ABVP उम्मीदवार 79 वोट से आगे था।

निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने चौंकाया

उपाध्यक्ष पद का मुकाबला इस चुनाव का सबसे अलग नतीजा लेकर आया। निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने शुरुआत से ही ABVP और NSUI के उम्मीदवारों पर बढ़त बना ली थी।पहले राउंड में ही शौकीन को 1,391 वोट मिले थे, जबकि ABVP के ईशू मौर्य को 865 और NSUI के वीर चतरथ को 242 वोट मिले। इसके बाद हर राउंड के साथ उनकी बढ़त बढ़ती गई।सातवें राउंड तक शौकीन 11,347 वोट के साथ आगे थे और ABVP के ईशू मौर्य से उनका अंतर 5,608 वोट हो चुका था।बाद के राउंड में भी उनकी बढ़त कायम रही और आखिरकार उपाध्यक्ष पद उनके नाम रहा। शौकीन पहले NSUI से जुड़े रहे थे और इस बार निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे थे। उनके मुकाबले ने केंद्रीय पैनल में पारंपरिक ABVP-NSUI मुकाबले से अलग तस्वीर पेश की।

सचिव पद पर रिया छावड़ी ने बनाई बढ़त

सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी शुरुआत से ही मजबूत स्थिति में रहीं। पहले राउंड में उन्हें 909 वोट मिले थे, जबकि NSUI की नम्रता चौधरी को 450 वोट मिले थे।छठे राउंड तक रिया छावड़ी के खाते में 6,425 वोट थे और वह नम्रता चौधरी से 1,915 वोट आगे थीं। आठवें राउंड तक भी उनकी बढ़त बनी हुई थी।मतगणना पूरी होने के बाद रिया छावड़ी ने सचिव पद पर जीत दर्ज की।

संयुक्त सचिव में भी ABVP की वापसी

संयुक्त सचिव पद पर शुरुआत में ABVP के लक्ष्य राज सिंह आगे थे, लेकिन बाद में समाजवादी छात्र सभा से जुड़े विशेष यादव ने बढ़त बना ली। कई राउंड तक इस पद पर मुकाबला काफी करीबी रहा।सातवें राउंड में विशेष यादव 6,165 वोट के साथ आगे थे, जबकि लक्ष्य राज सिंह 5,386 और NSUI के गोपाल चौधरी 5,339 वोट पर थे।इसके बाद मुकाबला फिर बदला और अंतिम नतीजे में लक्ष्य राज सिंह ने संयुक्त सचिव पद पर जीत दर्ज की। इस तरह ABVP ने केंद्रीय पैनल की तीन सीटें हासिल कर लीं।

40.46 फीसदी हुआ था मतदान

DUSU चुनाव के लिए 18 सितंबर को मतदान कराया गया था। विश्वविद्यालय के 52 मतदान केंद्रों पर वोट डाले गए और कुल 40.46 फीसदी मतदान दर्ज हुआ। अगले दिन 19 सितंबर को नॉर्थ कैंपस स्थित मतगणना केंद्र पर वोटों की गिनती शुरू हुई।मतगणना के दौरान सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। केंद्रीय पैनल के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पदों के लिए अलग-अलग उम्मीदवार मैदान में थे।

NSUI ने लगाए काउंटिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप

नतीजों के दौरान NSUI की ओर से दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप भी लगाए गए। NSUI नेताओं ने दावा किया कि प्रशासन ABVP के पक्ष में काम कर रहा है और काउंटिंग प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।ये आरोप NSUI की ओर से लगाए गए दावे हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। दूसरी ओर, मतगणना के दौरान विश्वविद्यालय और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया था।

डूसू चुनाव में इस बार क्यों रहा खास मुकाबला?

DUSU चुनाव में इस बार ABVP और NSUI के बीच मुख्य मुकाबला रहा, लेकिन उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन की बढ़त ने चुनाव की तस्वीर को अलग बना दिया। अध्यक्ष पद पर भी कई राउंड तक दोनों प्रमुख छात्र संगठनों के उम्मीदवारों के बीच बेहद कम अंतर देखने को मिला।40.46 फीसदी मतदान के बाद शुरू हुई मतगणना में पहले राउंड से लेकर अंतिम परिणाम तक स्थिति कई बार बदली। आखिर में ABVP ने तीन केंद्रीय पद अपने नाम किए, जबकि उपाध्यक्ष की सीट निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन के खाते में गई।