बलूचिस्तान (पाकिस्तान): बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने बलूचिस्तान में तीन युवकों की कथित हत्या और जबरन गायब किए जाने के मामलों को लेकर स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।

ताहिर बलूच की मौत का मामला

द बलूचिस्तान पोस्ट (TBP) की रिपोर्ट के अनुसार, BYC ने 24 वर्षीय ताहिर बलूच की मौत का मामला उठाया है। ताहिर बलूच केच जिले के तुम्प क्षेत्र के रहने वाले थे। समिति के अनुसार, 12 सितंबर 2026 को ताहिर की हत्या एक हमले में हुई, जिसे BYC ने राज्य समर्थित सशस्त्र समूह और सुरक्षा बलों से जुड़ा बताया है। BYC के मुताबिक, इस घटना में ताहिर के पिता तारिक भी घायल हुए।

मामला एक परिवार तक सीमित नहीं

समिति ने कहा कि ताहिर की मौत और उनके पिता के घायल होने का मामला केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे व्यापक मानवाधिकार चिंताएं जुड़ी हैं। BYC ने घटना की जांच और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

नादिल बलूच का मामला भी उठाया

BYC ने 20 वर्षीय छात्र नादिल बलूच का मामला भी उठाया। नादिल बलूच ग्वादर जिले के पनवान क्षेत्र के रहने वाले थे। समिति के अनुसार, उन्हें 19 अप्रैल की रात करीब 1:30 बजे फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) और मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) के कर्मियों द्वारा कथित तौर पर उनके घर से ले जाया गया था।

BYC का दावा है कि नादिल पांच महीने तक लापता रहे और 17 सितंबर को ग्वादर के कलदान इलाके में उनका शव मिला।

एहसान बलूच का मामला भी उठाया

इसके अलावा समिति ने 29 वर्षीय एहसान बलूच का मामला भी उठाया, जो यूनिवर्सिटी ऑफ तुरबत से विज्ञान विभाग से स्नातक थे। BYC के अनुसार, एहसान को 22 जनवरी की रात करीब 1 बजे MI और काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) के कर्मियों द्वारा कथित तौर पर उनके घर से उठाया गया था।

समिति का कहना है कि एहसान का शव भी 17 सितंबर को ग्वादर के कलदान क्षेत्र में मिला और उस पर गंभीर चोटों के निशान थे।

यातना और गैर-कानूनी हत्याएं

BYC ने कहा कि जबरन गायब करना, कथित यातना और गैर-कानूनी हत्याएं कानून के शासन और न्यायिक प्रक्रिया का विकल्प नहीं हो सकतीं। समिति ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से इन मामलों पर ध्यान देने की अपील की।

BYC ने ताहिर बलूच, नादिल बलूच और एहसान बलूच के मामलों समेत बलूचिस्तान में हुई अन्य कथित हिंसक घटनाओं की तत्काल स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। समिति ने जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कानून के अनुसार कार्रवाई करने की भी मांग रखी है।

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