Moradabad Mosque News: उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों से जुड़े निर्माण को लेकर विवाद के बीच अब मुरादाबाद का एक मामला सामने आया है। दिल्ली रोड पर पाकबड़ा थाना क्षेत्र में स्थित एक पुरानी मस्जिद के निर्माण को मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) ने सरकारी जमीन पर बना हुआ बताते हुए नोटिस जारी किया है।
प्राधिकरण ने मस्जिद के मुतवल्ली को कथित अवैध निर्माण खुद हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया है। नोटिस में कहा गया है कि तय अवधि के भीतर निर्माण नहीं हटाया गया तो प्राधिकरण की ओर से आगे की कार्रवाई की जा सकती है।नोटिस सामने आने के बाद मस्जिद कमेटी में हलचल बढ़ गई है।
करीब 300 वर्ग मीटर जमीन को लेकर विवाद
MDA के मुताबिक, दिल्ली रोड के किनारे जिस जमीन पर मस्जिद का निर्माण है, उसका एक हिस्सा सरकारी भूमि में आता है। प्राधिकरण ने करीब 300 वर्ग मीटर जमीन पर हुए निर्माण को अवैध बताया है।अधिकारी यह भी कह रहे हैं कि सड़क के किनारे निर्माण होने के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। दूसरी तरफ मस्जिद कमेटी से जुड़े लोगों का कहना है कि यह निर्माण काफी पुराना है।यानी विवाद का एक अहम पहलू यह भी है कि प्राधिकरण इसे सरकारी जमीन पर हुआ निर्माण बता रहा है, जबकि कमेटी इसे वर्षों पुराना धार्मिक स्थल बता रही है।
नोटिस में 15 दिन की मोहलत
MDA सचिव की ओर से जारी नोटिस मस्जिद के मुतवल्ली को दिया गया है। इसमें कथित अवैध निर्माण को स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए हैं।मुतवल्ली पक्ष को इसके लिए 15 दिन का समय दिया गया है। यदि तय समय के भीतर निर्माण नहीं हटाया जाता है तो प्राधिकरण अपने स्तर पर कार्रवाई कर सकता है।हालांकि, फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक मौके पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। इसलिए इसे अभी नोटिस और प्रस्तावित कार्रवाई के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
मुरादाबाद में पहले भी हटाए गए धार्मिक स्वरूप वाले निर्माण
सरकारी जमीन और सड़क किनारे किए गए कथित अवैध निर्माण को लेकर मुरादाबाद में पहले भी कार्रवाई हो चुकी है।कांठ रोड पर सिद्ध अस्पताल के पास सड़क किनारे बने मस्जिदनुमा निर्माण को प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में हटाया था। इसी तरह MDA की सेक्टर-10 योजना में पार्क की जमीन पर बनाए गए मीनार के निर्माण को भी हटाया गया था।MDA उपाध्यक्ष अनुभव सिंह के मुताबिक, सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्राधिकरण की ओर से इसी आधार पर नोटिस की कार्रवाई की गई है।
सहारनपुर की मस्जिद का मामला भी हाईकोर्ट पहुंच रहा
मुरादाबाद का यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब सहारनपुर में कलक्ट्रेट परिसर स्थित पुरानी मस्जिद को लेकर विवाद पहले से चल रहा है।सहारनपुर मामले में मस्जिद के मुतवल्ली की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख करने की तैयारी है। प्रस्तावित याचिका में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को चुनौती देने और मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग किए जाने की बात सामने आई है।मुतवल्ली पक्ष का कहना है कि मस्जिद से संबंधित दस्तावेज और अभिलेख उनके पास मौजूद हैं। इसी आधार पर वे अदालत के सामने अपना पक्ष रखने की तैयारी में हैं।
अब मुरादाबाद में आगे क्या होगा?
फिलहाल मुरादाबाद में मामला 15 दिन की नोटिस अवधि पर टिका है। प्राधिकरण का कहना है कि कथित अवैध निर्माण सरकारी जमीन पर है और इसे हटाने के लिए नोटिस दिया गया है।अब देखना होगा कि मस्जिद कमेटी नोटिस के बाद क्या कदम उठाती है और क्या निर्माण को लेकर कोई कानूनी चुनौती दी जाती है। तय समयसीमा के बाद MDA की अगली कार्रवाई भी इस मामले की दिशा तय करेगी।इस बीच प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा नहीं करने की अपील की जा रही है।