Moradabad News: मुरादाबाद शहर में आवासीय सुविधाओं का विस्तार करने के लिए मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) कांठ रोड पर नई आवासीय योजना लाने की तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत काजीपुरा, महलकपुर-निजामपुर, सलेमपुर और अगवानपुर क्षेत्र में करीब 100 हेक्टेयर जमीन पर कॉलोनी विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके लिए आसपास की लगभग 500 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। अगले 15 दिनों में सर्वे पूरा कर प्रस्ताव शासन को भेजने की तैयारी है।

एमडीए के सर्वे में जमीन की उपलब्धता, सर्किल रेट और बड़े भूखंडों की स्थिति का आकलन किया जाएगा। प्राधिकरण छोटे-छोटे भूखंडों के बजाय ऐसी जमीन को प्राथमिकता देगा, जहां बड़े हिस्से में एक साथ विकास कार्य किया जा सके।

आवासीय भूखंडों के साथ अस्पताल और शिक्षण संस्थान भी
प्रस्तावित योजना कांठ रोड से काजीपुरा की ओर विकसित की जाएगी। यह गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर होगी। योजना में आवासीय भूखंडों के अलावा अस्पताल, शिक्षण संस्थान, खेल सुविधाओं और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। योजना को रिंग रोड से जोड़ने के लिए सड़कों का अलग मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। फिलहाल प्रस्तावित क्षेत्र को रिंग रोड से जोड़ने के लिए कोई लिंक रोड नहीं है। ऐसे में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना भी योजना का अहम हिस्सा होगा।

10 प्रतिशत आवास EWS श्रेणी के लिए
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत प्रस्तावित कॉलोनी में 10 प्रतिशत आवास आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए बनाए जाएंगे। इसके अलावा 112 से 300 वर्ग मीटर तक के आवासीय भूखंड और बड़े व्यावसायिक भूखंड विकसित करने की योजना है। अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों के लिए भी जगह प्रस्तावित है। इस योजना में ग्रुप हाउसिंग यानी बहुमंजिला अपार्टमेंट बनाने का प्रस्ताव नहीं है। इसकी वजह यह बताई गई है कि ढक्का और नया मुरादाबाद सहित कुछ क्षेत्रों में पहले से बने अपार्टमेंट में आवासों की बिक्री की चुनौती बनी हुई है।

एमडीए की पुरानी योजनाओं में जमीन खरीद की स्थिति
नई आवासीय योजना की तैयारी के बीच एमडीए की पिछली योजनाओं में जमीन खरीद और विकास की स्थिति भी सामने आई है। शिवालिक आवासीय योजना: करीब 250 हेक्टेयर में प्रस्तावित इस योजना के लिए अब तक 105 हेक्टेयर जमीन खरीदी गई है। शेष 145 हेक्टेयर जमीन के लिए किसानों के साथ सहमति की प्रक्रिया जारी है। गोविंदपुरम फेज-दो: यहां करीब 500 आवासीय भूखंड प्रस्तावित हैं। अभी 250 भूखंडों के लिए जमीन खरीदी गई है और इतने ही भूखंडों का मानचित्र बोर्ड बैठक से स्वीकृत हुआ है। सह्याद्रि फेज-दो: इस योजना में करीब 300 भूखंड प्रस्तावित हैं। कुछ जमीनों पर कब्जे से जुड़े मामले सामने आए हैं। एमडीए का कहना है कि जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई की जा रही है।

पुरानी योजनाओं में भूखंडों के लिए मिले थे कई गुना आवेदन
एमडीए की आवासीय योजनाओं में लोगों की रुचि के आंकड़े भी सामने आए हैं। गोविंदपुरम योजना में करीब 500 भूखंडों के लिए लगभग 1,600 आवेदन आए थे। वहीं, सह्याद्रि फेज-वन में 619 भूखंडों के मुकाबले करीब चार गुना आवेदन मिले थे। ये आंकड़े विकसित क्षेत्रों में नियोजित आवासीय भूखंडों की मांग को दर्शाते हैं। हालांकि, नई योजना की वास्तविक मांग और स्वरूप का आकलन सर्वे पूरा होने के बाद किया जाएगा।

15 दिन में सर्वे पूरा करने का लक्ष्य
एमडीए के उपाध्यक्ष अनुभव सिंह के मुताबिक, मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत नई आवासीय कॉलोनी का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। इसके लिए अगले 15 दिनों में व्यापक सर्वे कराने की तैयारी है। सर्वे के निष्कर्षों के आधार पर जमीन की उपलब्धता और अन्य पहलुओं का आकलन कर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। फिलहाल योजना प्रस्तावित चरण में है और इसके अंतिम स्वरूप पर शासन की मंजूरी के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।