Mayawati on Akash Anand: बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मायावती ने उन्हें पार्टी के चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटा दिया है। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद को अभी राजनीतिक तौर पर और परिपक्व होने की जरूरत है और फिलहाल उन्हें पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं होगा।

मायावती ने गुरुवार को लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में राष्ट्रीय कमेटी की बैठक के दौरान यह बात कही। उन्होंने साफ किया कि आकाश आनंद पार्टी में काम करते रहेंगे, लेकिन उन्हें फिलहाल कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।

मायावती ने आकाश आनंद को लेकर क्या कहा?

मायावती के मुताबिक, आकाश आनंद को राजनीति में अभी और अनुभव हासिल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वह उन्हें पार्टी के भीतर काम करने की अनुमति दे रही हैं, लेकिन इस समय उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपना सही नहीं होगा।मायावती ने यह भी कहा कि पार्टी को चुनावों में विरोधियों की अलग-अलग रणनीतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में वह नहीं चाहतीं कि संगठन को किसी तरह का नुकसान हो।

पिछले साल मिली थी बड़ी जिम्मेदारी

आकाश आनंद के लिए मायावती का यह फैसला बड़ा झटका माना जा रहा है। अगस्त 2025 में मायावती ने उन्हें BSP का नेशनल कन्वीनर बनाया था। उस समय उन्हें पार्टी में मायावती के बाद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने वाला नेता माना गया था। आकाश आनंद को उस समय पार्टी को मजबूत करने और खासकर युवा वोटरों के बीच BSP की पकड़ बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई थी। पार्टी की नजर 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर भी थी।

पहले भी आकाश को पद से हटाया जा चुका है

आकाश आनंद के राजनीतिक सफर में यह पहली बार नहीं है जब मायावती ने उनसे बड़ी जिम्मेदारी वापस ली हो। इससे पहले मार्च 2025 में भी उन्हें पार्टी के सभी प्रमुख पदों से हटा दिया गया था। बाद में अगस्त 2025 में उन्हें फिर बड़ी जिम्मेदारी दी गई थी। इस बार मायावती ने उन्हें पार्टी से बाहर नहीं किया है। उन्होंने साफ कहा है कि आकाश आनंद BSP में काम करते रहेंगे, लेकिन अभी उन्हें बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।

2027 के यूपी चुनाव से पहले फैसला अहम

मायावती का यह फैसला ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। BSP इन चुनावों में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।आकाश आनंद को पार्टी के युवा चेहरे के तौर पर आगे बढ़ाया गया था। ऐसे में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी से हटाने के फैसले का असर पार्टी की चुनावी रणनीति पर भी पड़ सकता है। फिलहाल मायावती ने संगठन की कमान अपने हाथ में रखते हुए आकाश को पार्टी के भीतर काम जारी रखने की अनुमति दी है।

यह भी पढ़ें-UP में 2027 के लिए BJP ने बदली रणनीति! ‘400 पार’ से सबक, अब ‘300 पार’ भी नहीं होगा चुनावी नारा