अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए गए पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने गुरुवार को ट्रस्ट की अपनी पहली बैठक में हिस्सा लिया। अयोध्या स्थित ट्रस्ट कार्यालय में हुई बैठक में ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य महंत गोविंद देव गिरि महाराज और दिनेश जी समेत नवनियुक्त ट्रस्टी एवं अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय भी मौजूद रहे। बैठक के बाद पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने कहा कि यह मुख्य रूप से परिचयात्मक बैठक थी। आने वाले कुछ दिनों में वह ट्रस्ट के सदस्यों के साथ बैठकर अपनी जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली को विस्तार से समझेंगे। इसके बाद ही वह औपचारिक रूप से CEO का पदभार संभालेंगे।
इस दौरान नए CEO जीतेंद्र मिश्रा ने कहा कि आज ट्रस्ट की पहली बैठक में शामिल हुआ। यह परिचयात्मक बैठक थी, जिसमें एक-दूसरे और एक-दूसरे के काम को समझने का अवसर मिला। अगले दो-तीन, चार या पांच दिनों में, जैसा ट्रस्ट चाहेगा, मैं उनके साथ बैठकर अपने काम को पूरी तरह समझूंगा। काम समझने के बाद CEO के रूप में जिम्मेदारी संभालूंगा।
मंदिर की व्यवस्था और सिस्टम की होगी समीक्षा
नवनियुक्त ट्रस्टी मदन मोहन पांडेय ने बताया कि बैठक में मंदिर की व्यवस्थाओं और मौजूदा सिस्टम की समीक्षा को लेकर चर्चा हुई। हालांकि, अभी किसी को औपचारिक जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि मंदिर की संगठनात्मक व्यवस्था और कार्यप्रणाली को देखा जाएगा और सभी लोग मिलकर सहयोग करेंगे।
39 साल वायुसेना में दी सेवा
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को अपना पहला CEO नियुक्त किया था। इसके साथ ही तीन नए ट्रस्टियों के नामों का भी ऐलान किया गया था। CEO के चयन के लिए गठित समिति की सिफारिश के आधार पर मिश्रा की नियुक्ति हुई। जीतेंद्र मिश्रा ने भारतीय वायुसेना की अलग-अलग शाखाओं में करीब 39 वर्षों तक सेवा की है। उनके पास सैन्य नेतृत्व का लंबा अनुभव है और उन्हें उत्तम युद्ध सेवा पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है।
‘ये प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद है’
राम मंदिर ट्रस्ट का CEO बनाए जाने के बाद मिश्रा ने इसे अपने लिए सौभाग्य और भगवान श्रीराम का आशीर्वाद बताया। बता दें कि इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि वायुसेना में देश की 43 वर्षों की सेवा के बाद अब उन्हें श्रीराम मंदिर और रामभक्तों की सेवा का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि मैं इसे अपना सौभाग्य मानता हूं कि इतने उम्मीदवारों में से मुझे चुना गया। मैं इसे भगवान श्रीराम का आशीर्वाद भी मानता हूं कि देश की वायुसेना में 43 वर्षों की सेवा के बाद उन्होंने मुझे श्रीराम मंदिर और रामभक्तों की सेवा का अवसर दिया। ट्रस्ट की बैठक में CEO की नियुक्ति के अलावा रिक्त ट्रस्टी पदों को भरने, वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्षिक खातों को मंजूरी, कथित वित्तीय अनियमितताओं की SIT जांच की प्रगति और सुप्रीम कोर्ट से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई।