लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दिवाली से पहले लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत डालीगंज और पक्का पुल के बीच बन रहा शहर का सबसे ऊंचा फ्लाईओवर जल्द शुरू किया जा सकता है। इसके चालू होने से पुराने लखनऊ की करीब 10 लाख आबादी को फायदा मिलने की उम्मीद है। वहीं, बसंतकुंज से समतामूलक चौराहे तक लगभग 12 किलोमीटर का सफर करीब 20 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।

1.1 किलोमीटर लंबा और 25 मीटर ऊंचा है फ्लाईओवर

लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत तैयार हो रहा यह फ्लाईओवर पक्का पुल (हर्डिंग ब्रिज) से डालीगंज रोटरी के बीच बनाया गया है। इसकी लंबाई करीब 1.1 किलोमीटर है और यह दो लेन का है। रेलवे लाइन के ऊपर बने इस फ्लाईओवर की ऊंचाई जमीन से लगभग 25 मीटर है।

LDA के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि फ्लाईओवर का मुख्य ढांचा तैयार हो चुका है। फिलहाल सड़क पर डामरीकरण और स्ट्रीट लाइट लगाने का काम किया जा रहा है। अधिकारियों की योजना अक्टूबर के अंत तक बाकी काम पूरा करके इसे दिवाली से पहले आम लोगों के लिए खोलने की है।

डालीगंज से पक्का पुल पहुंचने में लगेंगे सिर्फ 2 मिनट

फ्लाईओवर शुरू होने के बाद डालीगंज से पक्का पुल तक का सफर करीब दो मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इसके साथ ही ग्रीन कॉरिडोर के जरिए बसंतकुंज से समतामूलक चौराहे तक सीधा आवागमन आसान होने की उम्मीद है।

इस रूट के शुरू होने से पुराने लखनऊ के लोगों को शहर के दूसरे हिस्सों तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी। अभी इस हिस्से में ट्रैफिक का दबाव यात्रियों का समय बढ़ा देता है। नया फ्लाईओवर चालू होने के बाद वाहनों को रेलवे लाइन के ऊपर से गुजरने का सीधा रास्ता मिलेगा।

टीले वाली मस्जिद के पास बनेगी नई रोटरी

फ्लाईओवर पर यातायात सुचारु रखने के लिए टीले वाली मस्जिद के पास इंटीग्रेटेड रोटरी बनाने की योजना है। वहीं, मरी माता मंदिर के पास पहले से बनी रोटरी को नए सिरे से तैयार किया जाएगा। यहां वाहनों के लिए चार लेन का रास्ता बनाने की योजना है।

LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने निरीक्षण के दौरान टीले वाली मस्जिद के पास इंटीग्रेटेड रोटरी बनाने के निर्देश दिए थे। इस रोटरी का डिजाइन IIT-BHU और VNIT नागपुर की संयुक्त टीम के सर्वे के आधार पर तैयार कराया गया है। इसका उद्देश्य फ्लाईओवर पर आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाना है।

ऐतिहासिक पक्का पुल पर बंद हो सकती है वाहनों की आवाजाही

गोमती नदी पर मौजूदा पक्का पुल के पास एक नया पुल भी बनाया जा रहा है। LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के मुताबिक, नया पुल चालू होने के बाद पुराने पक्का पुल पर वाहनों की आवाजाही बंद करने का प्रस्ताव है। इसके बाद ऐतिहासिक पुल को पैदल यात्रियों के लिए पेडेस्ट्रियन ब्रिज के रूप में इस्तेमाल करने की योजना है।

इस बदलाव से पुराने पुल को संरक्षित रखने और आसपास के यातायात को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसके लिए नई व्यवस्था लागू होने और वैकल्पिक पुल चालू होने का इंतजार करना होगा।

दिवाली से पहले शुरू करने की तैयारी

ग्रीन कॉरिडोर परियोजना का उद्देश्य लखनऊ के अलग-अलग हिस्सों के बीच आवागमन आसान बनाना है। डालीगंज-पक्का पुल फ्लाईओवर इसी परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके शुरू होने से करीब 10 लाख लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, फ्लाईओवर कब से आम लोगों के लिए खुलेगा, इसकी पुष्टि आधिकारिक उद्घाटन और यातायात संबंधी निर्देश जारी होने के बाद ही होगी।