हैदराबाद: भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (KTR) ने तेलंगाना की कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर परियोजनाओं में कमीशन मांगने और अपने करीबी लोगों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सवाल किए।

15 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में KTR ने दावा किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) पर एक कंपनी के प्रबंध निदेशक ने 15 प्रतिशत कमीशन मांगने का लिखित आरोप लगाया है। KTR के अनुसार, यह मामला सरकारी परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।

KTR ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री किसानों, पानी, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे हैं। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने लिखा, “रेवंत उनके ATM हैं, इसलिए राहुल गांधी चुप हैं।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सवाल किया कि कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।

सिंगरैनी को निजी हाथों में सौंपने की साजिश का आरोप

इससे पहले 14 अक्टूबर को रामागुंडम में आयोजित ‘सिंगरैनी कर्मचारी गर्जना’ कार्यक्रम में KTR ने कांग्रेस सरकार और भाजपा पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला कंपनी सिंगरैनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) का निजीकरण करने की दिशा में काम कर रही है।

KTR ने दावा किया कि दमाराचेरला थर्मल पावर प्लांट की क्षमता 4,000 मेगावाट होने के बावजूद वर्तमान सरकार के दौरान 400 मेगावाट भी बिजली उत्पादन नहीं हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सिंगरैनी प्रबंधन के अनुसार, राज्य सरकार पर कंपनी का लगभग 60,000 करोड़ रुपये बकाया है।

40 लाख मीट्रिक टन कोयला गायब होने का दावा

BRS नेता ने सिंगरैनी में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि कंपनी के रिकॉर्ड से 40 लाख मीट्रिक टन कोयले का हिसाब नहीं मिल रहा है। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की।

KTR ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के रिश्तेदार सुधिनी सृजन रेड्डी की भूमिका को लेकर भी आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब इस रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी से स्थापित नहीं होता है।

गौरतलब है कि कमीशन, कोयले के कथित गायब होने, बकाया राशि और निजीकरण से जुड़े ये आरोप KTR और BRS की ओर से लगाए गए हैं। इन मामलों में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए संबंधित दस्तावेजों, जांच और सरकार तथा संबंधित पक्षों के आधिकारिक जवाब महत्वपूर्ण होंगे।

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