Krishna Janmashtami 2026: देशभर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर उत्साह चरम पर है। श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा से लेकर राजधानी लखनऊ तक मंदिरों में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। कहीं भगवान के गर्भगृह को चांदी से सजाया जा रहा है तो कहीं देश-विदेश के पवित्र तीर्थों के जल से कान्हा का महाभिषेक कराने की तैयारी है।
मथुरा में इस बार जन्माष्टमी का उत्सव खास होने जा रहा है। काशी और अयोध्या से भगवान श्रीकृष्ण के लिए विशेष उपहार भेजे गए हैं। वहीं श्रीकृष्ण जन्मस्थान के गर्भगृह को करीब 200 किलो चांदी से सजाने की तैयारी है। दूसरी तरफ लखनऊ के इस्कॉन मंदिर में भी जन्माष्टमी महोत्सव को भव्य रूप दिया जा रहा है।
मथुरा में जन्माष्टमी को लेकर खास उत्साह
भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में जन्माष्टमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। मंदिरों को आकर्षक तरीके से सजाया गया है और पूरे शहर में धार्मिक आयोजनों की तैयारियां चल रही हैं।शंखनाद, ढोल-नगाड़ों और हरिनाम संकीर्तन के बीच श्रद्धालु भगवान के बाल स्वरूप के दर्शन के लिए उत्साहित हैं। जन्माष्टमी की रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय होने वाली विशेष पूजा और आरती को लेकर भी व्यापक तैयारियां की गई हैं।
काशी और अयोध्या से मथुरा पहुंचे खास उपहार
इस बार श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में अयोध्या, काशी और मथुरा के धार्मिक महत्व का खास संगम देखने को मिल रहा है।भगवान श्रीकृष्ण के लिए अयोध्या की प्रसिद्ध राम रसोई से विशेष प्रसाद मथुरा पहुंचाया गया है। वहीं काशी से लड्डू गोपाल के लिए विशेष मेवा और श्रृंगार सामग्री भेजी गई है।इन विशेष उपहारों को भगवान को अर्पित किया जाएगा। इससे जन्मोत्सव का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व और बढ़ गया है।
200 किलो चांदी से सजेगा श्रीकृष्ण जन्मस्थान का गर्भगृह
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा-संस्थान के अनुसार इस बार भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव 4 सितंबर को मनाया जाएगा।जन्मोत्सव की तैयारियों के तहत श्रीकृष्ण जन्मस्थान के गर्भगृह को करीब 200 किलो चांदी से सजाया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण को विशेष पोशाक और आभूषणों से सजाकर भक्तों को दर्शन कराया जाएगा।इस वर्ष जन्मोत्सव का मुख्य संदेश ‘गौ रक्षा-राष्ट्र रक्षा’ का संकल्प बताया गया है।
कलहंस पुष्प-बंगले में विराजेंगे कान्हा
जन्मोत्सव के दिन भगवान श्रीकृष्ण को विशेष रूप से तैयार किए गए ‘कलहंस’ पुष्प-बंगले में विराजमान कराया जाएगा।भगवान को समुद्र मंथन से प्राप्त रत्नों की भावना पर आधारित पंचरत्नी पोशाक पहनाई जाएगी। इसके साथ ही रत्न-जड़ित मुकुट से उनका विशेष श्रृंगार किया जाएगा।जन्म के समय भगवान के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
लखनऊ इस्कॉन में 1008 तीर्थों के जल से होगा महाभिषेक
राजधानी लखनऊ में भी जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सुशांत गोल्फ सिटी स्थित इस्कॉन मंदिर में इस बार विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं।मंदिर में भगवान श्री राधा रमण बिहारी का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। महोत्सव की सबसे खास बात यह होगी कि भगवान का 1008 पवित्र तीर्थों के जल से महाभिषेक कराया जाएगा।पूरे दिन धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ विशेष महाआरती होगी।
मंदिरों में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़
जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा और लखनऊ समेत प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, भीड़ नियंत्रण और निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ट्रैफिक और पार्किंग को लेकर भी विशेष इंतजाम
जन्माष्टमी के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण यातायात व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग की व्यवस्था पर काम किया है।प्रशासन का प्रयास है कि मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान परेशानी न हो और शहर में अनावश्यक जाम की स्थिति भी न बने।
आधी रात को होगा कान्हा का जन्म
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का सबसे खास क्षण रात 12 बजे आएगा, जब मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान शंखनाद, घंटियों और जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठेंगे।मथुरा में जन्मभूमि मंदिर से लेकर लखनऊ के इस्कॉन मंदिर तक श्रद्धालु कान्हा के जन्म के साक्षी बनने के लिए उत्साहित हैं। इस बार काशी और अयोध्या से आए विशेष उपहार, चांदी से सजा गर्भगृह और तीर्थों के जल से महाभिषेक जन्माष्टमी उत्सव को और खास बना रहे हैं।